आगरा सरसों मिनिकिट योजना 2025: आगरा में किसानों को मुफ्त सरसों मिनिकिट वितरण, “पूसा सरसों 32” बीज से पैदावार में बढ़ोतरी
आगरा में मुख्य विकास अधिकारी ने बाह तहसील सभागार में किसानों को मुफ्त सरसों मिनिकिट वितरित किए। यूपी सरकार 25,000 किसानों को "पूसा सरसों 32" बीज दे रही है। जानें योजना की प्रक्रिया और लाभ।

आगरा सरसों मिनिकिट योजना 2025: आगरा में किसानों को मुफ्त सरसों मिनिकिट वितरण: “पूसा सरसों 32” से पैदावार बढ़ाने की पहल
उत्तर प्रदेश सरकार की पहल से 25,000 किसानों को मिलेगा फायदा
ब्यूरो चीफ़ – एस. शेरवानी
आगरा, 04 अक्टूबर 2025
प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने शनिवार को बाह तहसील सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान किसानों को मुफ्त सरसों मिनिकिट वितरित किए। इस योजना का उद्देश्य किसानों को बेहतर उत्पादन क्षमता वाली सरसों की नई किस्म उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाना और खेती को और अधिक लाभकारी बनाना है।
योजना का लक्ष्य – 25,000 किसानों तक पहुँचना
उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद आगरा के लिए इस वर्ष 25,000 सरसों मिनिकिट वितरण का लक्ष्य रखा है। हर लाभार्थी किसान को 2 किलोग्राम सरसों बीज का पैकेट बिल्कुल मुफ्त मिलेगा। यह कदम खेती की लागत घटाने और किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
“पूसा सरसों 32” – किसानों के लिए वरदान
इस योजना में किसानों को जो बीज दिए जा रहे हैं, वह है “पूसा सरसों 32” (PM-32)।
- इसे भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) ने वर्ष 2021 में विकसित किया था।
- यह किस्म पारंपरिक सरसों की तुलना में अधिक उपज देती है।
- इसकी खासियत यह है कि यह रोग प्रतिरोधक है और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों में भी बेहतर प्रदर्शन करती है।
- “पूसा सरसों 32” तेल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में उत्कृष्ट है।
इस किस्म के बीज किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा दिलाने में मददगार साबित होंगे।
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किसानों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया
किसान इस योजना का लाभ आसानी से उठा सकते हैं।
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सबसे पहले किसान को कृषि विभाग के पोर्टल agridarshan.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।
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जिन किसानों के पास ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं है, वे अपने निकटतम राजकीय कृषि बीज भंडार (सरकारी बीज गोदाम) पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं।
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यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा।
किसानों की खुशी – आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम

बाह तहसील सभागार में जब किसानों को मिनिकिट दिए गए तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
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एक किसान ने कहा – “पहले हमें बाजार से महंगे दामों पर बीज खरीदने पड़ते थे। सरकार द्वारा मुफ्त बीज मिलने से हमारी लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा।”
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दूसरे किसान ने कहा – “पूसा सरसों 32 के बारे में हमने सुना है कि यह बहुत अच्छी किस्म है। अगर उत्पादन ज्यादा होगा तो हमें फायदा ही फायदा है।”
इस मौके पर जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने किसानों को नई तकनीक अपनाने व समय पर बुवाई करने के लिए प्रेरित किया।
योजना का महत्व – क्यों जरूरी है यह पहल?

✔ उत्तर प्रदेश सरकार सरसों उत्पादन बढ़ाकर तेल आयात पर निर्भरता कम करना चाहती है।
✔ किसानों को वैज्ञानिक अनुसंधान से तैयार किस्में उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
✔ यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर (Self-Reliant) बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
✔ रबी 2025-26 सीजन में यह योजना किसानों को उच्च पैदावार और आर्थिक मजबूती दिलाने में मददगार होगी।
अधिक जानकारी कहाँ से प्राप्त करें?
किसान अपने ब्लॉक स्तर के राजकीय कृषि बीज भंडार (सरकारी बीज गोदाम) से योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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निष्कर्ष
बाह तहसील में हुआ यह वितरण कार्यक्रम सिर्फ बीज बाँटने का काम नहीं था, बल्कि यह किसानों को नई उम्मीद देने वाला अवसर भी है। मुफ्त “पूसा सरसों 32” बीज किसानों को न सिर्फ पैदावार बढ़ाने में मदद करेंगे बल्कि प्रदेश को आत्मनिर्भर कृषि राज्य बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएँगे।
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