BREAKING: आगरा पेयजल पुनर्गठन योजना की समीक्षा बैठक, मंडलायुक्त ने दिए समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश
अमृत 2.0 योजना के तहत आगरा में जोन 1 और 2 में पेयजल पुनर्गठन कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने विभागों को भूमि, रोड कटिंग और जलाशय निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

आगरा पेयजल पुनर्गठन योजना पर मंडलायुक्त ने ली समीक्षा बैठक, जोन-1 और 2 में तेजी से हो रहा काम
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) |
आगरा | 27 अक्टूबर 2025
आगरा। ताज नगरी आगरा को स्वच्छ, सुरक्षित और 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत चल रही आगरा पेयजल पुनर्गठन योजना (जोन 1 एवं 2) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, नगर निगम प्रतिनिधि, सिंचाई विभाग, यूपीडा, एनएचएआई और यूपीसीडा के अधिकारी शामिल रहे।
आगरा की जलापूर्ति व्यवस्था में हो रहा है ऐतिहासिक बदलाव
मंडलायुक्त ने कहा कि यह योजना आगरा के लिए “सदी की सबसे महत्वपूर्ण शहरी परियोजनाओं में से एक” है, जिसके पूरा होने पर शहर की जलापूर्ति प्रणाली पूरी तरह से पुनर्गठित हो जाएगी।
अब तक शहर में पुराने पाइपलाइन नेटवर्क और सीमित भंडारण क्षमता के कारण कई क्षेत्रों में जलापूर्ति असमान रही है।
लेकिन इस योजना के तहत एडवांस वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (AWTP), नई पाइपलाइन व्यवस्था, उच्च जलाशय, भूमिगत टैंक, और स्वचालित नियंत्रण प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे हर घर तक शुद्ध जल पहुंच सकेगा।
अमृत 2.0 योजना क्या है और आगरा के लिए क्यों खास है

अमृत 2.0 (Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation) भारत सरकार की एक राष्ट्रीय शहरी विकास परियोजना है, जिसका उद्देश्य देश के सभी प्रमुख नगरों में स्वच्छ पेयजल, सीवरेज, और शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाना है।
आगरा में यह योजना दो प्रमुख जोन— जोन 1 और जोन 2— में लागू की जा रही है।
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जोन 1 में कछपुरा, प्रकाश नगर, और छलेसर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
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जोन 2 में भगवती बाग, पोईया गांव, और यमुना पार क्षेत्र को जोड़ा गया है।
इन क्षेत्रों में भूमिगत पाइपलाइन बिछाने, जलाशय निर्माण, वितरण नेटवर्क और पंपिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं।
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भूमि और निर्माण से जुड़ी प्रमुख प्रगति
बैठक में मंडलायुक्त ने विभिन्न स्थानों पर चल रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की।
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प्रकाश नगर और कछपुरा में चिन्हित राजकीय भूमि के उपयोग हेतु अनुमति देने की प्रक्रिया जारी है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
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पोईया गांव में प्रस्तावित इंटक वेल (Intake Well) और एप्रोच ब्रिज के निर्माण की अनुमति शीघ्र दिलाने के लिए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया गया।
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छलेसर और यमुना पार क्षेत्र में रोड कटिंग अनुमति पहले ही प्रदान की जा चुकी है, जिससे वहां पाइपलाइन बिछाने का कार्य जल्द शुरू हो सकेगा।
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भगवती बाग में प्रस्तावित उच्च जलाशय (Overhead Tank) के निर्माण हेतु यूपीसीडा विभाग से पार्क क्षेत्र में भूमि उपयोग की स्वीकृति मांगी गई है।
एनएचएआई और यूपीडा से मांगी गई त्वरित अनुमति

मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि
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एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) से रोड कटिंग की अनुमति जल्द प्राप्त की जाए, ताकि वाटर राइजिंग मेन कार्य में बाधा न आए।
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वहीं यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) को यमुना एक्सप्रेसवे सर्विस रोड पर जलेसर रोड ब्रिज से कुबेरपुर मोड़ तक फीडर मेन पाइपलाइन बिछाने की स्वीकृति शीघ्र जारी करने को कहा गया।
उन्होंने स्पष्ट कहा —
“पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। यह योजना आगरा की जल समस्या का स्थायी समाधान बनेगी।”
सख्त निर्देश: कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं
मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी कि जो भी विभाग या एजेंसी कार्यों में लापरवाही बरतेगी, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पेयजल योजना से जुड़ी सभी परियोजनाएँ जनता के हित में हैं, इसलिए किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि शहर के नागरिकों को परियोजना के लाभ जल्द से जल्द मिलें, इसके लिए अंतर-विभागीय समन्वय को प्राथमिकता दी जाए।
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आगरा को “स्मार्ट वाटर सिटी” बनाने की दिशा में कदम
अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत आगरा को भविष्य में “स्मार्ट वाटर सिटी” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
नई जल वितरण प्रणाली में स्मार्ट मीटरिंग, प्रेशर मैनेजमेंट सिस्टम, और डिजिटल मॉनिटरिंग सेंटर शामिल किए जाएंगे।
इससे पानी की बर्बादी कम होगी, जल गुणवत्ता की निगरानी आसान बनेगी, और हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल की पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।
जन भागीदारी से बनेगी योजना सफल
मंडलायुक्त ने जनता से भी अपील की कि वे जल संरक्षण को आदत बनाएं और किसी भी पाइपलाइन लीकेज या अव्यवस्था की सूचना स्थानीय निकाय को तुरंत दें।
उन्होंने कहा कि —
“शासन की यह योजना तभी सफल होगी, जब नागरिक भी जल संसाधन के संरक्षण और उचित उपयोग में सहयोग देंगे।”
निष्कर्ष
आगरा पेयजल पुनर्गठन योजना का उद्देश्य न केवल जल वितरण प्रणाली को मजबूत करना है, बल्कि यह आगरा को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का भी प्रयास है।
अमृत 2.0 के तहत यह परियोजना आगरा को “स्वच्छ, टिकाऊ और आधुनिक शहरी जल प्रणाली” का आदर्श मॉडल बनाएगी।
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