खटीक समाज का इतिहास त्याग, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति से भरा, अब इतिहास के पुनर्लेखन की जरूरत: राजनाथ सिंह
खटीक समाज ने धर्म और संस्कृति की रक्षा में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका, रक्षा मंत्री ने कहा- देश पर संकट आया तो समाज सबसे आगे खड़ा रहा
सम्मान में मिला चांदी का मुकुट समाज को सौंपते हुए बोले राजनाथ सिंह- किसी गरीब बेटी की शादी में पायल के लिए करें इस्तेमाल, कारगिल शहीद की वीर नारी भी सम्मानित
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
दैनिक समाचार, आगरा, 13 सितंबर 2026। खटीक समाज के इतिहास, त्याग, पराक्रम, सेवा और राष्ट्रभक्ति को सम्मान देने के उद्देश्य से आगरा में खटीक गर्जना सम्मेलन का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय खटीक समाज के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि खटीक समाज के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं मिला, जिसका वह हकदार है। उन्होंने समाज के इतिहास के पुनर्लेखन की आवश्यकता पर जोर दिया।
रक्षा मंत्री के आगरा आगमन पर खेरिया एयरपोर्ट पर जनपद के जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद वह राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम, आरबीएस कॉलेज, खंदारी, आगरा में आयोजित खटीक गर्जना सम्मेलन में पहुंचे। यहां खटीक समाज के गणमान्य लोगों ने उनका चांदी का मुकुट, तलवार और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
राजनाथ सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सम्मेलन में समाज के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
खटीक समाज के इतिहास के पुनर्लेखन की जरूरत: राजनाथ सिंह

सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि खटीक समाज का इतिहास त्याग, पराक्रम, सेवा और राष्ट्रभक्ति से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि समाज ने देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन इतिहास में समाज के योगदान को अपेक्षित स्थान नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि खटीक समाज के गौरवशाली इतिहास को सही तथ्यों और योगदान के साथ सामने लाया जाए।
रक्षा मंत्री ने कहा कि समाज की ऐतिहासिक भूमिका को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि युवा अपने पूर्वजों के संघर्ष, त्याग और योगदान को समझ सकें तथा उनसे प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
संत दुर्बल नाथ जी को बताया पूरे भारतीय समाज का संत

राजनाथ सिंह ने संत दुर्बल नाथ जी की 165वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि संत दुर्बल नाथ जी केवल खटीक समाज के संत नहीं थे, बल्कि पूरे भारतीय समाज के संत थे।
उन्होंने कहा कि संतों और महापुरुषों के विचार किसी एक समाज या वर्ग तक सीमित नहीं होते। उनके संदेश व्यापक समाज को दिशा देने का काम करते हैं। संत दुर्बल नाथ जी के विचार और संदेश भी सभी के लिए प्रेरणादायी हैं।
रक्षा मंत्री ने संत दुर्बल नाथ जी के योगदान और विचारों को समाज के साथ-साथ युवा पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया।
देश और संस्कृति की रक्षा में आगे रहा समाज

राजनाथ सिंह ने कहा कि प्राचीन काल से लेकर 1857 के स्वतंत्रता संग्राम और आजादी की लड़ाई तक खटीक समाज के लोगों ने साहस और वीरता का परिचय दिया।
उन्होंने कहा कि जब भी देश और सनातन संस्कृति पर संकट आया, खटीक समाज के लोग आगे खड़े रहे। समाज की पहचान केवल किसी एक पारंपरिक पेशे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी पहचान वीरता, सेवा, समर्पण और मेहनत से भी जुड़ी हुई है।
उन्होंने समाज के ऐतिहासिक संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि अलग-अलग कालखंडों में खटीक समाज के लोगों ने चुनौतियों का सामना किया और अपनी आस्था एवं परंपराओं के प्रति दृढ़ता दिखाई।
1857 से स्वतंत्रता आंदोलन तक योगदान का किया उल्लेख
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय इतिहास के विभिन्न दौरों का उल्लेख करते हुए खटीक समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने वैदिक समाज में यज्ञ-अनुष्ठान से जुड़े संदर्भों, कठोपनिषद और कठ जाति से संबंधित उदाहरणों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इतिहास के विभिन्न कालखंडों में समाज के लोगों ने संघर्ष और साहस का परिचय दिया।
उन्होंने सालार मसूद के विरुद्ध संघर्ष, मुगलों और औरंगजेब के समय की चुनौतियों, अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संघर्ष और राम मंदिर आंदोलन तक समाज के योगदान का उल्लेख किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद धर्म एवं अपनी आस्था को न छोड़ने की परंपरा समाज के इतिहासका महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
संत कन्नप्पा नयनार का भी किया उल्लेख
रक्षा मंत्री ने संत कन्नप्पा नयनार सहित अन्य उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि खटीक समाज की परंपरा देश के विभिन्न हिस्सों में भक्ति, सेवा और समर्पण से जुड़ी रही है।
उन्होंने कहा कि समाज के इतिहास में ऐसे अनेक प्रसंग हैं, जिन्हें नई पीढ़ी के सामने लाने की जरूरत है। इतिहास की इन प्रेरक घटनाओं से युवा अपने समाज की विरासत को समझने के साथ देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित कर सकते हैं।
शिक्षा और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने का आह्वान
रक्षा मंत्री ने कहा कि समाज को अपनी मेहनत और संघर्ष की परंपरा के साथ शिक्षा और सशक्तिकरण को भी जोड़ना होगा।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने पर विशेष ध्यान देने की अपील की। साथ ही महिलाओं और बेटियों को सशक्त बनाने तथा युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में शिक्षा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए बच्चों को अच्छी शिक्षा, युवाओं को कौशल और अवसर तथा महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।
बाबा साहब के मंत्र को अपनाने की अपील
राजनाथ सिंह ने समाज के लोगों से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, संघर्ष और संगठन समाज को मजबूत बनाने के महत्वपूर्ण आधार हैं। युवाओं को अपनी शिक्षा पर ध्यान देने के साथ अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए।
उन्होंने समाज से एकजुट होकर आगे बढ़ने और नई पीढ़ी को बेहतर अवसर देने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
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गरीब और पिछड़े वर्गों के बच्चों के लिए अवसरों पर जोर
रक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार गरीब और पिछड़े वर्गों के बच्चों की शिक्षा, छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ रोजगार के अवसरों के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई न रुके और अवसरों की कमी के कारण कोई युवा पीछे न रह जाए।
उन्होंने समाज के अभिभावकों से उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का लाभ उठाने और बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की अपील की।
उत्तर प्रदेश के विकास का भी किया उल्लेख
राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है।
उन्होंने औद्योगिक कॉरिडोर, मेट्रो और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार का उल्लेख किया। साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ODOP) जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश और दुनिया में पहचान मिलने की बात कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
जाति और धर्म के नाम पर विभाजन से बचने की अपील
रक्षा मंत्री ने समाज में जाति और धर्म के नाम पर होने वाली विभाजनकारी राजनीति से बचने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसी के भड़कावे में आकर समाज को बांटने के बजाय प्रेम, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करना चाहिए।
उन्होंने कहा—
“टूटने से बिखरेंगे और जुड़ने से निखरेंगे।”
राजनाथ सिंह ने सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि समाज में शांति होगी तो समृद्धि के अवसर बढ़ेंगे और समृद्धि के साथ विकास की गति भी तेज होगी।
विकसित भारत के निर्माण में योगदान का आह्वान
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने खटीक समाज के लोगों से शिक्षा, रोजगार, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की ऊर्जा और प्रतिभा को सकारात्मक दिशा में लगाकर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
सम्मान में मिला चांदी का मुकुट समाज को किया समर्पित
सम्मेलन में राजनाथ सिंह को सम्मान स्वरूप चांदी का मुकुट और तलवार भेंट की गई थी। लेकिन रक्षा मंत्री ने सम्मान में मिले चांदी के मुकुट को अपने पास रखने के बजाय समाज को ही समर्पित करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि यह चांदी का मुकुट समाज के किसी गरीब परिवार की बेटी की शादी में उसकी पायल बनवाने के लिए दान कर दिया जाए।
उनकी इस घोषणा ने सम्मेलन में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सम्मान में मिली वस्तु को समाज की जरूरतमंद बेटी के काम में लगाने का संदेश सामाजिक सेवा और सहयोग की भावना से जुड़ा रहा।
कारगिल शहीद की वीर नारी को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल शहीद की वीर नारी को भी सम्मानित किया।
शहीद परिवार के सम्मान को राष्ट्र के प्रति बलिदान और सेवा की स्मृति से जोड़ते हुए कार्यक्रम में उन्हें सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर मौजूद लोगों ने भी शहीद परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि खटीक समाज ने कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष और परिश्रम की परंपरा को कायम रखा है। अब आवश्यकता है कि इसी विरासत को आधुनिक शिक्षा, संगठन और सामाजिक सशक्तिकरण से जोड़ा जाए।
उन्होंने समाज के लोगों से बच्चों की शिक्षा, महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के अवसर और सामाजिक समरसता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि समाज की ताकत उसकी एकजुटता में है और यही एकजुटता उसे आगे बढ़ने की दिशा दे सकती है।
इतिहास की विरासत से भविष्य की तैयारी तक
आगरा में आयोजित खटीक गर्जना सम्मेलन में समाज के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान चुनौतियों के साथ भविष्य की दिशा पर भी चर्चा हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जहां समाज के ऐतिहासिक योगदान को सामने लाने और उसके पुनर्लेखन की आवश्यकता बताई, वहीं शिक्षा और सशक्तिकरण को भविष्य की प्राथमिकता बनाने का संदेश दिया।
सम्मेलन में सम्मान, सामाजिक सेवा और राष्ट्रभक्ति से जुड़े संदेश भी प्रमुख रहे। खास तौर पर चांदी के मुकुट को किसी गरीब बेटी की पायल के लिए समाज को समर्पित करने की घोषणा ने सामाजिक सहयोग की भावना को रेखांकित किया।
रक्षा मंत्री का संदेश यही रहा कि समाज अपनी गौरवशाली विरासत को याद रखते हुए शिक्षा, एकजुटता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के रास्ते पर आगे बढ़े।


