संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रो. शशि कपूर ने राजकीय महाविद्यालय सैंया का किया औचक निरीक्षण, प्रवेश अभियान तेज करने के दिए निर्देश
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं की सुविधाओं और प्रवेश अभियान की समीक्षा, अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने पर दिया जोर
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
खेरागढ़ (आगरा), 18 जुलाई 2026। उच्च शिक्षा विभाग, प्रयागराज से आईं संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रो. शशि कपूर ने शनिवार को राजकीय महाविद्यालय सैंया का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महाविद्यालय में संचालित प्रवेश अभियान, कक्षाओं की व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कार्यालय अभिलेखों और परिसर की स्वच्छता का गहन निरीक्षण किया।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने वर्तमान प्रवेश सत्र को देखते हुए महाविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रवेश अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि क्षेत्र के अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से जुड़ सकें और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
प्रवेश अभियान को और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान प्रो. शशि कपूर ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल प्रवेश प्रक्रिया संचालित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों और अभिभावकों तक महाविद्यालय की उपलब्धियों और सुविधाओं की सही जानकारी पहुंचाना भी आवश्यक है।
उन्होंने निर्देश दिए कि महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, छात्रवृत्ति योजनाओं, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं और अन्य संसाधनों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि ग्रामीण एवं आसपास के क्षेत्रों के अधिक से अधिक विद्यार्थी प्रवेश लेने के लिए प्रेरित हों।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्र-केंद्रित गतिविधियों पर दिया बल

संयुक्त शिक्षा निदेशक ने निरीक्षण के दौरान शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि महाविद्यालयों का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना भी है।
उन्होंने शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अनुशासित वातावरण, नियमित कक्षाओं के संचालन तथा छात्र-केंद्रित गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में नवाचार, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
महाविद्यालय प्रशासन ने प्रस्तुत की उपलब्धियों की जानकारी
निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविन्द्र कुमार ने संयुक्त शिक्षा निदेशक का स्वागत करते हुए महाविद्यालय में संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रवेश सत्र में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए महाविद्यालय द्वारा जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया, स्थानीय संपर्क, विद्यालय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम तथा विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
प्राचार्य ने महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, विकास कार्यों तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी भी साझा की।
शिक्षकों की रही सक्रिय सहभागिता
निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं प्रशासनिक स्टाफ मौजूद रहा। इस अवसर पर डॉ. विशाल भास्कर, डॉ. रेखा सुमन, डॉ. हुकुम सिंह कुमार, डॉ. अनिल कुमार गौतम, डॉ. मनोज कुमार तथा डॉ. विजय आनंद गौतम सहित अन्य शिक्षकों ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को महाविद्यालय की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया।
उच्च शिक्षा को नई दिशा देने की पहल
संयुक्त शिक्षा निदेशक के इस औचक निरीक्षण को उच्च शिक्षा विभाग की गुणवत्ता सुधार पहल का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि विभाग विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि प्रवेश अभियान को और अधिक प्रभावी बनाकर क्षेत्र के अधिक से अधिक युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ा जाएगा, जिससे शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा मिलेगी।


