आगरा में 12 जुलाई को होगा ‘वृक्षारोपण महायज्ञ 2026’, 53.94 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य; डीएम मनीष बंसल ने तैयारियों का किया निरीक्षण
शास्त्रीपुरम डी-ब्लॉक बनेगा मुख्य आयोजन स्थल, जनप्रतिनिधियों और हजारों नागरिकों की सहभागिता से चलेगा हरित अभियान
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 10 जुलाई 2026 |
उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यावरण संरक्षण अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में आगरा जनपद 12 जुलाई (रविवार) को एक ऐतिहासिक हरित पहल का साक्षी बनने जा रहा है। ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के अंतर्गत पूरे जनपद में 53 लाख 94 हजार पौधों का वृहद स्तर पर रोपण किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य सुनिश्चित करना है।
महाअभियान की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने शुक्रवार को शास्त्रीपुरम डी-ब्लॉक पार्क स्थित मुख्य वृक्षारोपण स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शास्त्रीपुरम डी-ब्लॉक में होगा मुख्य कार्यक्रम

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान बताया कि 12 जुलाई को आयोजित मुख्य कार्यक्रम शास्त्रीपुरम डी-ब्लॉक में होगा, जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं, छात्र-छात्राएं और आम नागरिक वृक्षारोपण में भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनसहभागिता का उत्सव बनाया जाएगा, ताकि प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम का सक्रिय भागीदार बन सके।
डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पौधारोपण स्थल पर गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता, पहुंच मार्ग, बैठने की व्यवस्था, मंच निर्माण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि कार्यक्रम के दिन किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि—
- पौधारोपण स्थल को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाया जाए।
- सभी गड्ढों की खुदाई समय पर पूरी हो।
- आगंतुकों और अतिथियों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था रहे।
- कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले मार्गों की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
- पार्किंग, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
औषधीय, फलदार और हर्बल पौधों पर रहेगा विशेष जोर

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने निर्देश दिए कि पौधारोपण स्थल को अलग-अलग थीम आधारित खंडों में विकसित किया जाए।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान—
- औषधीय पौधे
- हर्बल पौधे
- फलदार पौधे
- पोषण वाटिका
जैसी अवधारणाओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और नियमित देखभाल की भी मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
53.94 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
जिलाधिकारी ने बताया कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत पूरे जनपद में कुल 53 लाख 94 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा।
इनमें—
- वन विभाग द्वारा लगभग 19 लाख पौधे
- जबकि अन्य विभागों द्वारा संयुक्त रूप से 34 लाख 94 हजार पौधे
लगाए जाएंगे।
यह अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में एक साथ संचालित किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगा महाअभियान
मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, जनपद के अन्य जनप्रतिनिधि तथा शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी एवं प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
उनकी मौजूदगी में व्यापक जनभागीदारी के साथ पौधारोपण किया जाएगा।
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प्रशासन ने बनाई विशेष निगरानी व्यवस्था
वृहद स्तर पर होने वाले इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष निगरानी व्यवस्था भी बनाई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में—
- उपजिलाधिकारी (SDM)
- खंड विकास अधिकारी (BDO)
को जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं शहरी क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के अधिकारी समन्वय स्थापित कर अभियान का संचालन करेंगे।
प्रत्येक विभाग को उसके लक्ष्य के अनुसार पौधारोपण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल
जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का उद्देश्य केवल सरकारी लक्ष्य पूरा करना नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।
उन्होंने सभी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का भी संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधे को संरक्षित करने का संकल्प ले तो आने वाले वर्षों में आगरा हरित और स्वच्छ शहर के रूप में नई पहचान बना सकता है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते तापमान, घटते भूजल स्तर और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक हो गया है।
ऐसे अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि जैव विविधता, वर्षा संतुलन, स्वच्छ वायु और बेहतर भविष्य के लिए भी आधार तैयार करते हैं।
निरीक्षण के दौरान रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) आजाद भगत सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) राजेश कुमार सहित वन विभाग, पंचायत राज विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन का लक्ष्य है कि 12 जुलाई का वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 केवल रिकॉर्ड संख्या में पौधे लगाने तक सीमित न रहे, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता और सामूहिक भागीदारी का प्रेरक अभियान बने।



