आगरा में खरीफ 2026 बीज ई-लॉटरी संपन्न: ई-लॉटरी में चयन होते ही किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, खरीफ 2026 के लिए कृषि बीज वितरण प्रक्रिया हुई पारदर्शी
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। 28 मई 2026।
खरीफ सीजन 2026 को लेकर किसानों के लिए बड़ी राहत और खुशी की खबर सामने आई है। कृषि विभाग द्वारा सामान्य, संकर एवं मिनीकिट बीज वितरण के लिए आयोजित ई-लॉटरी प्रक्रिया में चयन होते ही किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। विकास भवन सभागार में आयोजित इस पारदर्शी प्रक्रिया में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और चयनित होने पर किसानों के चेहरों पर उत्साह साफ दिखाई दिया।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई, जिससे किसानों में विश्वास और संतोष का माहौल देखने को मिला।
खरीफ 2026 सीजन के लिए हुई ई-लॉटरी प्रक्रिया

उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ 2026 सीजन हेतु सामान्य, संकर एवं मिनीकिट बीजों की द्वितीय चरण की बुकिंग कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर 18 मई 2026 से शुरू की गई थी।
कई विकासखंडों में निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने के कारण किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया।
उन्होंने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया 27 मई 2026 को विकास भवन सभागार में संपन्न हुई।
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पारदर्शी प्रक्रिया
ई-लॉटरी प्रक्रिया जिलाधिकारी द्वारा नामित मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
इस दौरान समिति के सदस्य के रूप में:
- उप कृषि निदेशक
- जिला कृषि अधिकारी
- कृषि विज्ञान केंद्र, बिचपुरी के प्रभारी
- नामित प्रगतिशील किसान
की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई गई, जिससे किसानों को निष्पक्ष चयन का भरोसा मिला।
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किसानों में दिखा उत्साह और भरोसा
ई-लॉटरी के दौरान विकास भवन सभागार में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
जैसे ही चयनित किसानों के नाम सामने आए, वहां मौजूद किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। किसानों ने सरकार और कृषि विभाग की इस पारदर्शी व्यवस्था की सराहना की।
कई किसानों ने कहा कि डिजिटल प्रक्रिया के कारण चयन में निष्पक्षता बनी रहती है और सभी को समान अवसर मिलता है।
गुणवत्तापूर्ण बीजों से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलने से किसानों की फसल उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
खासकर संकर और मिनीकिट बीज किसानों को बेहतर उपज, रोग प्रतिरोधक क्षमता और आधुनिक खेती की दिशा में मदद करेंगे।
“बेहतर बीज ही अच्छी फसल की सबसे मजबूत नींव होते हैं।”
ई-लॉटरी से पारदर्शिता और समय की बचत
कृषि विभाग की इस डिजिटल पहल को किसानों के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है।
ई-लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से:
- चयन प्रक्रिया पारदर्शी बनी
- किसानों का समय बचा
- अनियमितताओं की संभावना कम हुई
- ऑनलाइन व्यवस्था से किसानों को सुविधा मिली
“डिजिटल तकनीक अब खेती-किसानी को भी आसान और आधुनिक बना रही है।”
दोबारा खुलेगी बीज बुकिंग
उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि ई-लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामान्य, संकर एवं मिनीकिट बीजों की बुकिंग विभागीय पोर्टल पर दोबारा खोली जाएगी।
इससे अन्य किसानों को भी आवेदन और बुकिंग का अवसर मिल सकेगा।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे विभागीय पोर्टल पर नियमित रूप से जानकारी लेते रहें और समय रहते पंजीकरण कराएं।
आधुनिक कृषि की दिशा में बड़ा कदम
कृषि विभाग द्वारा अपनाई गई यह डिजिटल प्रक्रिया किसानों को आधुनिक और तकनीक आधारित कृषि व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार पारदर्शी और तकनीकी व्यवस्थाएं लगातार लागू होती रहीं, तो किसानों को योजनाओं का लाभ अधिक तेजी और निष्पक्षता से मिल सकेगा।
निष्कर्ष
खरीफ 2026 के लिए आयोजित ई-लॉटरी प्रक्रिया ने किसानों के बीच नई उम्मीद और विश्वास पैदा किया है।
पारदर्शी चयन प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण की यह पहल खेती को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो रही है।
“डिजिटल व्यवस्था और पारदर्शी चयन से किसानों का भरोसा मजबूत हो रहा है और कृषि क्षेत्र नई तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रहा है।”


