आगरा में शिक्षा व्यवस्था पर डीएम मनीष बंसल की सख्त नजर, ‘हर बच्चा स्कूल में’ लक्ष्य के साथ डीटीएफ समीक्षा बैठक संपन्न
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 24 अप्रैल 2026।
आगरा जनपद में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई।
यह बैठक केवल औपचारिक समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें शिक्षा की गुणवत्ता, नामांकन अभियान, मिड-डे मील, आरटीई प्रवेश, डिजिटल डेटा अपडेट और विद्यालयों की वास्तविक स्थिति पर गहन चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में अब लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं है।
“स्कूल चलो अभियान” को जनआंदोलन बनाने के निर्देश

बैठक में सबसे पहले “स्कूल चलो अभियान” की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लक्ष्य के अनुरूप नामांकन न होने पर चिंता जताते हुए इसे गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि:
- शिक्षक और शिक्षा विभाग की टीमें घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें
- अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करें
- कोई भी बच्चा स्कूल से वंचित न रहे
“हर बच्चा स्कूल पहुंचे, यह केवल योजना नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है”
उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान को केवल सरकारी प्रक्रिया न मानकर जनभागीदारी के साथ एक व्यापक जनजागरण अभियान बनाया जाए।
बीईओ की जवाबदेही तय—प्रतिदिन निरीक्षण अनिवार्य

जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को सख्त निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन कम से कम एक विद्यालय का निरीक्षण करेंगे।
निरीक्षण के दौरान:
- विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा
- बच्चों के साथ बैठकर मिड-डे मील ग्रहण किया जाएगा
- साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की जांच होगी
- निरीक्षण की फोटो रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजी जाएगी
“फील्ड में जाकर ही वास्तविक स्थिति का आकलन संभव है”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि विद्यालयों में सुधार नहीं दिखता है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों पर विशेष ध्यान
जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कम उपस्थिति और लक्ष्य के सापेक्ष प्रवेश न होने पर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष अभियान चलाकर छात्राओं का प्रवेश बढ़ाया जाए और 30 अप्रैल तक सभी आवश्यक डेटा प्रेरणा एवं यूडाइस पोर्टल पर अपडेट किया जाए।
“बालिका शिक्षा में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं होगी”
आरटीई प्रवेश में पारदर्शिता और सख्ती
आरटीई (Right to Education) के तहत प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा में सामने आया कि:
- 8112 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए
- 5899 बच्चों का प्रवेश पूर्ण हुआ
कुछ निजी विद्यालयों द्वारा प्रवेश में बाधा डालने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया।
“जो स्कूल नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी”
उन्होंने बीईओ को ऐसे विद्यालयों में जाकर कारणों की जांच करने और शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पाठ्य पुस्तक वितरण और अभिभावक सहभागिता
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी नामांकित बच्चों को समय पर पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि:
- प्रत्येक विद्यालय में पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (PTM) आयोजित की जाए
- पुस्तक वितरण का रिकॉर्ड तैयार किया जाए
- अभिभावकों के हस्ताक्षर लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
मिड-डे मील की गुणवत्ता पर फोकस
बैठक में मिड-डे मील योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि:
- 63 विद्यालयों में अक्षय पात्र द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है
- अन्य विद्यालयों में स्थानीय स्तर पर भोजन तैयार किया जाता है
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर पर विशेष ध्यान दिया जाए।
“मिड-डे मील केवल भोजन नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा का आधार है”
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“मैं स्वयं करूंगा निरीक्षण”—डीएम का सख्त संदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ग्रीष्मावकाश के बाद वे स्वयं विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे।
“जमीनी स्तर पर सुधार दिखना चाहिए, केवल रिपोर्ट से काम नहीं चलेगा”
उन्होंने कहा कि यदि शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत मिशन पर जोर
बैठक में ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत मिशन की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि:
- विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं
- फर्नीचर और भवन निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो
- निपुण विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति बनाई जाए
जनपद में 451 निपुण विद्यालयों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों की उपस्थिति और सहभागिता
बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्य सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभाग की जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने के निर्देश दिए गए।
निष्कर्ष
आगरा में आयोजित यह डीटीएफ समीक्षा बैठक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।
जिलाधिकारी मनीष बंसल के सख्त और स्पष्ट निर्देशों से यह संकेत मिल रहा है कि अब शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, जवाबदेही और परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह पहल न केवल नामांकन बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
“हर बच्चा स्कूल में, हर बच्चे को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा”—यही इस बैठक का मुख्य संदेश रहा।
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