बाबा साहब के विचारों को अपनाने का आह्वान

अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि बाबा साहब साहस, संघर्ष और संकल्प के प्रतीक थे। उन्होंने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम माना और अपने विचारों से करोड़ों लोगों को प्रेरित किया।
अन्य अधिकारियों ने भी अपने संबोधन में कहा कि हमें बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलते हुए सामाजिक समानता, न्याय और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए।
जनपद में जगह-जगह हुए कार्यक्रम
अंबेडकर जयंती के अवसर पर आगरा के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर आयोजन किए गए:
- विद्यालयों और महाविद्यालयों में संगोष्ठियां:
विद्यार्थियों को बाबा साहब के जीवन, संविधान और उनके योगदान के बारे में जानकारी दी गई।
- प्रभात फेरियां और जागरूकता रैलियां:
छात्रों और सामाजिक संगठनों ने प्रभात फेरियां निकालकर समाज में समानता और शिक्षा का संदेश दिया।
- प्रतिमाओं की साफ-सफाई और माल्यार्पण:
शहर के विभिन्न पार्कों और चौराहों पर स्थापित बाबा साहब की प्रतिमाओं की साफ-सफाई कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
- सामाजिक सहभागिता:
विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने भी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे समाज में एकता और जागरूकता का संदेश गया।
बहुमुखी व्यक्तित्व और प्रेरणादायक योगदान
डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक, अर्थशास्त्री, शिक्षाविद और विधिवेत्ता भी थे। उनके द्वारा बनाए गए संविधान में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार, न्याय और स्वतंत्रता सुनिश्चित की गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि भारतीय नागरिकों को जो मौलिक अधिकार प्राप्त हैं, वे आज भी कई देशों में उपलब्ध नहीं हैं—यह बाबा साहब की दूरदर्शिता का परिणाम है।
व्यापक सहभागिता से सफल हुआ आयोजन
इस अवसर पर कलेक्ट्रेट के नाजिर दुलीचंद शर्मा, नरेंद्र कुमार भारद्वाज, तुषार सक्सेना, गोविंद राम, बलवीर सिंह, वीर सिंह, सुरेश चंद गौतम, हरिओम, ब्रजेश कुमार सहित सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
आगरा में मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करने का एक सशक्त अवसर बनी।
इस तरह के आयोजन समाज को यह याद दिलाते हैं कि बाबा साहब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और उनके सिद्धांतों पर चलकर ही एक सशक्त, समरस और विकसित भारत का निर्माण संभव है।