फतेहाबाद के खंडेर टिकेटपुरा विद्यालय में शिक्षा, संस्कार और प्रेरणा का महाकुंभ: शिक्षा चौपाल व वार्षिकोत्सव ने बदली तस्वीर
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) |
आगरा / फतेहाबाद | 09-04-2026
आगरा जनपद के फतेहाबाद क्षेत्र स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय खंडेर टिकेटपुरा में आयोजित भव्य शिक्षा चौपाल एवं वार्षिकोत्सव कार्यक्रम शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का एक अनूठा संगम बनकर सामने आया। यह आयोजन न केवल विद्यालय की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच संवाद और प्रेरणा का सशक्त मंच भी बना।
विद्यालय परिसर इस अवसर पर उत्साह, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर नजर आया, जहां हर ओर बच्चों की मुस्कान, अभिभावकों की भागीदारी और शिक्षकों का समर्पण दिखाई दिया।
गरिमामयी उपस्थिति में सजा मंच, शिक्षा का बना उत्सव

कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रतिनिधि विनोद कुमार चौहान द्वारा की गई, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी शेष बहादुर सरोज और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. शिववीर सिंह भदौरिया (प्रधानाचार्य, जनता इंटर कॉलेज फतेहाबाद) उपस्थित रहे।
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को न केवल औपचारिकता दी, बल्कि इसे प्रेरणादायक और प्रभावशाली भी बनाया।
शिक्षा चौपाल: अभिभावकों को मिला मार्गदर्शन
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शिक्षा चौपाल रहा, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया।
इस चौपाल के माध्यम से अभिभावकों को यह समझाया गया कि—
- बच्चों की नियमित उपस्थिति क्यों जरूरी है
- घर पर पढ़ाई का माहौल कैसे बनाया जाए
- सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे उठाया जाए
यह संवाद शिक्षा और समाज के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में सामने आया।
सरकारी योजनाओं की जानकारी से बढ़ी जागरूकता
डॉ. शिववीर सिंह भदौरिया ने अपने संबोधन में शिक्षा से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आज सरकारी विद्यालयों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संसाधन और अवसर उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर छात्र अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों को किया गया प्रेरित
खंड शिक्षा अधिकारी शेष बहादुर सरोज ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में जागरूक करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विशेष रूप से इन परीक्षाओं का उल्लेख किया—
- राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMS)
- श्रेष्ठ योजना
- अटल आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा
- जय नारायण सर्वोदय विद्यालय परीक्षा
- राष्ट्रीय आविष्कार अभियान
- इंस्पायर अवार्ड
उन्होंने कहा कि इन अवसरों का लाभ उठाकर ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी बड़े मंच तक पहुंच सकते हैं।
मेधावी छात्रों और अभिभावकों का हुआ भावनात्मक सम्मान
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक और भावुक क्षण वह रहा, जब विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मंच पर सम्मानित किया गया।
- माल्यार्पण कर सम्मान
- स्मृति चिन्ह प्रदान
- प्रशस्ति पत्र देकर उत्साहवर्धन
साथ ही उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया, जिससे यह संदेश गया कि बच्चों की सफलता में परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
वार्षिकोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल
विद्यालय के छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया।
गीत, नृत्य, नाटक और समूह प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया, जिससे बच्चों का आत्मविश्वास और भी मजबूत हुआ।
विद्यालय की उपलब्धियों और गतिविधियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण
कार्यक्रम की संयोजक श्रीमती विनीता यादव ने विद्यालय की शैक्षिक, सांस्कृतिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और नई-नई गतिविधियों के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।
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शिक्षकों की टीमवर्क ने बनाया कार्यक्रम सफल
कार्यक्रम के सफल आयोजन में इंचार्ज प्रधानाध्यापक श्रीमती सुनीता कोटिया और अनुदेशक श्रीमती दीपा शर्मा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
संचालन संजय शर्मा (पूर्व एआरपी) द्वारा किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाए रखा।
इस अवसर पर जयपाल सिंह गुर्जर, यनीश शर्मा, सोमेंद्र सिंह, अंजलि सत्संगी, साधना सिंह, देवकी शर्मा सहित अन्य शिक्षकों ने भी अपने विचार प्रस्तुत कर कार्यक्रम को समृद्ध किया।
अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी बनी कार्यक्रम की ताकत
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि अब समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
उनकी सहभागिता ने यह साबित किया कि विद्यालय और परिवार मिलकर बच्चों के भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।
ग्रामीण शिक्षा में सकारात्मक बदलाव का संकेत
यह आयोजन इस बात का संकेत है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षा का स्तर तेजी से सुधर रहा है।
अब सरकारी विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि—
- प्रतिभा निखारने का मंच
- जागरूकता का माध्यम
- सामाजिक बदलाव का केंद्र
बनते जा रहे हैं।
निष्कर्ष: शिक्षा, प्रेरणा और सहभागिता का संगम
पूर्व माध्यमिक विद्यालय खंडेर टिकेटपुरा में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।
यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि—
“जब विद्यालय, शिक्षक और अभिभावक एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो हर बच्चा सफलता की ओर बढ़ सकता है।”
ऐसे आयोजन न केवल छात्रों को सम्मानित करते हैं, बल्कि उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा भी देते हैं।


