Agra Breaking News: डायट आगरा में आधुनिक जीवनशैली और शारीरिक शिक्षा पर राज्य स्तरीय सेमिनार आयोजित
डायट आगरा में आधुनिक जीवनशैली और शारीरिक शिक्षा की प्रासंगिकता पर राज्य स्तरीय सेमिनार आयोजित हुआ, जिसमें विशेषज्ञों ने फिटनेस, योग और स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

ऐतिहासिक पहल: डायट आगरा में “आधुनिक जीवनशैली एवं शारीरिक शिक्षा की प्रासंगिकता” पर राज्य स्तरीय सेमिनार आयोजित
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 16 मार्च 2026
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), आगरा में “आधुनिक जीवनशैली एवं शारीरिक शिक्षा की प्रासंगिकता” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार का भव्य और सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर प्रदेश की सभी डायट संस्थाओं के इतिहास में शारीरिक शिक्षा विषय पर आयोजित यह पहला राज्य स्तरीय सेमिनार है।
इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक जीवनशैली के बदलते प्रभावों के बीच विद्यार्थियों में शारीरिक सक्रियता, फिटनेस, खेल संस्कृति और संतुलित जीवनशैली के महत्व को रेखांकित करना था। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों से आए शारीरिक शिक्षा शिक्षकों, प्रशिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ उप शिक्षा निदेशक एवं डायट प्राचार्य अनिरुद्ध यादव तथा आमंत्रित मुख्य वक्ताओं द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षकों और प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को ज्ञान, स्वास्थ्य और जागरूकता के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में सराहा।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य अनिरुद्ध यादव ने कहा कि आज के डिजिटल युग में बच्चों और युवाओं की जीवनशैली तेजी से बदल रही है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, इंटरनेट और डिजिटल गैजेट्स के अत्यधिक उपयोग के कारण बच्चों में शारीरिक गतिविधियां कम होती जा रही हैं, जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम, खेल और मानसिक संतुलन के महत्व के बारे में भी जागरूक करना चाहिए।
योग और आधुनिक जीवनशैली के संतुलन पर विशेषज्ञों का व्याख्यान

सेमिनार में लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE), ग्वालियर से आए असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोरध्वज सिंह ने अपने व्याख्यान में आधुनिक जीवनशैली और योग के बीच संतुलन के वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि आज के समय में मानसिक तनाव, शारीरिक थकान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए योग, ध्यान और नियमित व्यायाम अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर पर योग और खेल गतिविधियों से जोड़ा जाए तो उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर तरीके से हो सकता है।
पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन पर दिया गया विशेष जोर

सेमिनार में हरियाणा खेल विश्वविद्यालय (HSU) के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विवेक कुमार सिंह ने विद्यार्थियों के जीवन में संतुलित आहार और स्वास्थ्य प्रबंधन के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों और युवाओं में जंक फूड और असंतुलित आहार की आदतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे मोटापा, मधुमेह और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिल रही हैं।
उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यालयों में विद्यार्थियों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली के प्रति जागरूक करें।
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कार्यक्रम में शासकीय कॉलेज निवारी (मध्यप्रदेश) के क्रीड़ा अधिकारी सिद्धार्थ श्रीनेत ने भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं “फिट इंडिया” और “खेलो इंडिया” के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य देश के युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना, खेल प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यदि इन योजनाओं को विद्यालय स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाए तो विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि और जागरूकता दोनों बढ़ सकती हैं। कार्यक्रम के संयोजक हिमांशु सिंह (प्रवक्ता, शारीरिक शिक्षा) ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि आज की नई पीढ़ी का अधिकांश समय मोबाइल और डिजिटल उपकरणों में बीत रहा है। उन्होंने कहा कि इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल गैजेट्स से दूर कर खेल मैदानों की ओर प्रेरित करना है, ताकि वे शारीरिक रूप से सक्रिय और स्वस्थ रह सकें। उन्होंने यह भी कहा कि खेल गतिविधियां बच्चों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सेमिनार के समापन अवसर पर उप शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य अनिरुद्ध यादव द्वारा कार्यक्रम में भाग लेने वाले माध्यमिक विद्यालयों के शारीरिक शिक्षा शिक्षकों और बेसिक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह प्रमाण पत्र शिक्षकों को उनकी सक्रिय भागीदारी और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रदान किए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन यशवीर सिंह द्वारा किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ इस ऐतिहासिक राज्य स्तरीय सेमिनार का समापन हुआ। इस अवसर पर डायट आगरा के कई प्रवक्ता और शिक्षक उपस्थित रहे, जिनमें अनिल कुमार, डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय, संजीव कुमार सत्यार्थी, यशपाल सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, रंजना पांडे, कल्पना सिन्हा, प्रज्ञा शर्मा, अबू मुहम्मद आसिफ, रचना यादव, धर्मेंद्र प्रसाद गौतम, मुकेश सिन्हा, गौरव भार्गव और अमित दीक्षित सहित अन्य शिक्षाविद शामिल रहे। डायट आगरा में आयोजित यह राज्य स्तरीय सेमिनार शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक शिक्षा, खेल और फिटनेस को भी विद्यालयों में समान महत्व दिया जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए तो वे न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ बनेंगे बल्कि मानसिक रूप से भी अधिक मजबूत और आत्मविश्वासी बन सकेंगे।“फिट इंडिया” और “खेलो इंडिया” योजनाओं पर विस्तार से चर्चा

डिजिटल युग में बच्चों को मैदान से जोड़ने की जरूरत

शिक्षकों को प्रमाण पत्र देकर किया गया सम्मानित
राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
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