Agra Breaking News: डायट आगरा में शिक्षकों की कहानी सुनाने की प्रतियोगिता, विजेता शिक्षक राज्य स्तर पर करेंगे प्रतिनिधित्व
डायट आगरा में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए कहानी सुनाने की प्रतियोगिता आयोजित हुई। विजेता शिक्षक राज्य स्तर पर आगरा का प्रतिनिधित्व करेंगे।

डायट आगरा में शिक्षकों की नवम कहानी सुनाने की प्रतियोगिता आयोजित, शिक्षण को रोचक बनाने में कहानी विधा की भूमिका पर दिया गया जोर
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 11 मार्च 2026
शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक, प्रभावी और बच्चों के लिए प्रेरणादायक बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) आगरा में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए नवम कहानी सुनाने की प्रतियोगिता 2025-26 का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तर प्रदेश, लखनऊ के तत्वाधान में आयोजित हुई। प्रतियोगिता का आयोजन कंपोजिट विद्यालय, डायट परिसर में किया गया, जिसमें जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी कहानी प्रस्तुति के माध्यम से शिक्षण की रचनात्मक विधाओं को प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता के लिए गूगल फॉर्म के माध्यम से कुल 40 शिक्षकों ने अपनी प्रविष्टियां भेजी थीं, जिनमें से 23 शिक्षकों ने प्रतियोगिता में प्रत्यक्ष रूप से प्रतिभाग किया। सभी प्रतिभागियों ने बच्चों को कहानी के माध्यम से शिक्षा देने की अपनी अनूठी शैली का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डायट आगरा अनिरुद्ध यादव द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए शिक्षण में कहानी विधा की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कहानी शिक्षण की अत्यंत प्रभावी और सृजनात्मक विधा

अपने संबोधन में प्राचार्य अनिरुद्ध यादव ने कहा कि कहानी शिक्षण की एक अत्यंत प्रभावी और रोचक विधा है। कहानी के माध्यम से बच्चों को किसी भी विषय को सरल और सहज तरीके से समझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कहानी सुनने और समझने की प्रक्रिया बच्चों में कल्पनाशीलता, जिज्ञासा, रचनात्मकता और तार्किक सोच को विकसित करती है।
उन्होंने बताया कि यदि शिक्षक कक्षा में कहानी का प्रयोग करते हैं तो बच्चे पढ़ाई में अधिक रुचि लेते हैं और सीखने की प्रक्रिया उनके लिए आनंददायक बन जाती है। कहानी के माध्यम से बच्चों को नैतिक मूल्यों, सामाजिक व्यवहार, ऐतिहासिक घटनाओं और वैज्ञानिक तथ्यों के बारे में भी प्रभावी ढंग से समझाया जा सकता है।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षण प्रक्रिया में कहानी विधा का अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि बच्चे शिक्षा से जुड़ाव महसूस करें और उनकी सीखने की क्षमता में वृद्धि हो।
प्राथमिक स्तर पर शिक्षिकाओं ने किया शानदार प्रदर्शन

प्रतियोगिता के दौरान प्राथमिक स्तर के शिक्षकों ने अपनी कहानी प्रस्तुति के माध्यम से शिक्षण की रचनात्मकता और प्रभावशीलता का शानदार प्रदर्शन किया।
इस वर्ग में
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प्रथम स्थान – चारु कुलश्रेष्ठ (प्राथमिक विद्यालय धाराजीत, अछनेरा)
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द्वितीय स्थान – कल्पना छोकर (प्राथमिक विद्यालय गढ़ी ताल) तथा प्रीति यादव (प्राथमिक विद्यालय नगला हंसराज)
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तृतीय स्थान – कंचनलता (प्राथमिक विद्यालय करीमपुरा)
ने प्राप्त किया।
इन शिक्षिकाओं ने अपनी कहानी प्रस्तुति में अभिनय, संवाद शैली और भाव-भंगिमा का प्रभावी उपयोग करते हुए बच्चों के लिए शिक्षण को रोचक बनाने के उदाहरण प्रस्तुत किए।
उच्च प्राथमिक स्तर पर भी शिक्षकों ने दिखाई प्रतिभा
उच्च प्राथमिक स्तर की प्रतियोगिता में भी प्रतिभागी शिक्षकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कहानी के माध्यम से शिक्षण की प्रभावी विधियों को प्रस्तुत किया।
इस वर्ग में
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प्रथम स्थान – सुचिता सक्सेना (उच्च प्राथमिक विद्यालय कांकरपुरा, शमशाबाद)
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द्वितीय स्थान – उषा कुमारी (उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला पाटम, शमशाबाद)
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तृतीय स्थान – प्रेम नारायण शर्मा (कंपोजिट विद्यालय मीरपुर) तथा रागिनी राजपूत (जगनेर)
ने प्राप्त किया।
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने कहानी कहने की कला, संवाद शैली और प्रस्तुति कौशल के माध्यम से यह दर्शाया कि कहानी विधा के माध्यम से कठिन विषयों को भी बच्चों के लिए सरल बनाया जा सकता है।
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राज्य स्तर पर करेंगे आगरा का प्रतिनिधित्व
प्रतियोगिता के प्रभारी प्रवक्ता अनिल कुमार ने बताया कि जनपद स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दोनों शिक्षक आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में आगरा जनपद का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल शिक्षकों के लिए बल्कि पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं शिक्षकों को अपनी शिक्षण विधियों में नवाचार और रचनात्मकता लाने के लिए प्रेरित करती हैं और शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होती हैं।
अनुभवी शिक्षाविदों ने निभाई निर्णायक मंडल की भूमिका
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की प्रस्तुति का मूल्यांकन अनुभवी शिक्षाविदों द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल में
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राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज मिड़ाकुर के प्रवक्ता सुखबीर सिंह
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राजकीय शिशु प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्रवक्ता सनत कुमार आर्य
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मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र के प्रवक्ता डॉ. साहब सिंह
ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिक्षकों और स्टाफ का रहा विशेष सहयोग
कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय द्वारा किया गया। प्रतियोगिता को सफल बनाने में डायट के कई शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर यशवीर सिंह, हिमांशु सिंह, यशपाल सिंह, कल्पना सिन्हा, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, रचना यादव, संजीव कुमार सत्यार्थी, अबु मुहम्मद आसिफ, रंजना पांडे, धर्मेन्द्र प्रसाद गौतम, पुष्पेंद्र सिंह और डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
शिक्षण में नवाचार को बढ़ावा देने की पहल
डायट आगरा में आयोजित यह प्रतियोगिता शिक्षकों के लिए अपनी रचनात्मक क्षमता और शिक्षण कौशल को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुई। इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षण में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों और विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
कहानी सुनाने की यह प्रतियोगिता इस बात का उदाहरण है कि यदि शिक्षण में रचनात्मकता और नवाचार को स्थान दिया जाए तो शिक्षा को बच्चों के लिए अधिक प्रभावी और रोचक बनाया जा सकता है।
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