Agra Breaking News: निपुण विद्यालय निर्माण पर जोर: DIET आगरा में 605 शिक्षक संकुलों की समीक्षा बैठक | NIPUN Bharat
DIET आगरा में 605 शिक्षक संकुलों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित। उप शिक्षा निदेशक अनिरुद्ध यादव ने निपुण विद्यालय निर्माण को प्राथमिकता बताया। 27 जनवरी से निपुण आकलन, निपुण प्लस ऐप और शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष फोकस।

निपुण विद्यालय बनाना ही हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता – अनिरुद्ध यादव
605 शिक्षक संकुलों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, निपुण आकलन और नवाचार पर गहन मंथन
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 22 जनवरी 2026।
आगरा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आगरा में जनपद आगरा के समस्त विकास खण्डों एवं नगर क्षेत्र के 605 शिक्षक संकुलों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक का भव्य आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण बैठक तीन सत्रों में संपन्न हुई, जिसमें 460 से अधिक शिक्षक संकुलों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। बैठक का मुख्य उद्देश्य निपुण भारत मिशन के अंतर्गत विद्यालयों को निपुण विद्यालय के रूप में विकसित करने की दिशा में अब तक की प्रगति की समीक्षा करना, आगामी निपुण विद्यालय आकलन की तैयारियों को मजबूत करना तथा शिक्षण गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए साझा रणनीति तैयार करना रहा।
“निपुण विद्यालय शिक्षक की पहचान है” – अनिरुद्ध यादव

बैठक को संबोधित करते हुए उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य डायट आगरा अनिरुद्ध यादव ने कहा कि
“निपुण विद्यालय बनाना हम सभी की प्राथमिकता ही नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। शिक्षक का समर्पण और विद्यालय की गुणवत्ता बच्चों के सीखने के स्तर से स्पष्ट झलकती है। जब हर बच्चा निपुण होगा, तभी हमारा विद्यालय और हमारा जनपद निपुण कहलाएगा।”
उन्होंने शिक्षक संकुलों से आह्वान किया कि वे केवल औपचारिकताओं तक सीमित न रहें, बल्कि कक्षा-कक्ष में बच्चों की वास्तविक समझ, भाषा और गणितीय दक्षताओं पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि निपुणता का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब शिक्षक योजनाबद्ध, नियमित और मूल्यांकन आधारित शिक्षण अपनाएंगे।
निपुण आकलन की सफलता पर फोकस
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गोंड ने कहा कि 27 जनवरी से प्रारंभ होने वाले निपुण आकलन को लेकर सभी विद्यालयों को पूरी गंभीरता के साथ तैयारी करनी होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि—
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प्रत्येक विद्यालय को निपुण प्लस ऐप पर प्रतिमाह बच्चों का आकलन करना अनिवार्य है
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जनपद स्तर के डेटा की नियमित समीक्षा कर कमजोर बिंदुओं पर त्वरित सुधार किया जाए
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शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार री-टीचिंग और री-प्रैक्टिस पर जोर देना होगा
उन्होंने कहा कि “डेटा केवल रिपोर्टिंग के लिए नहीं, बल्कि सुधार का माध्यम बनना चाहिए।”
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निपुण विद्यालय आकलन 2026: रणनीति और तैयारी

निपुण प्रभारी धर्मेंद्र प्रसाद गौतम ने बताया कि 27 जनवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 के मध्य प्रस्तावित “निपुण विद्यालय आकलन” को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों द्वारा अपनाई जा रही रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि—
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निपुण प्लस ऐप के माध्यम से बच्चों को नियमित अभ्यास कराया जाए
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आकलन से पूर्व प्रिंटेड प्रश्नावली एवं वर्कशीट से पर्याप्त अभ्यास कराया जाए
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प्रत्येक विद्यालय अपनी निपुण कार्ययोजना तैयार कर उसे कक्षाओं में प्रभावी ढंग से लागू करे
विशेषज्ञ सत्रों से मिला व्यावहारिक मार्गदर्शन
कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय द्वारा किया गया।
इस अवसर पर एसआरजी प्रीति सिंह, मीना पुष्कर, अनुराग शर्मा एवं आयुष प्रभात ने आकलन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, बच्चों के साथ किए जाने वाले पूर्व अभ्यास, एक-पेज कार्यपत्रक, निपुण कार्ययोजना तथा कक्षा-कक्ष में अपनाए जाने वाले प्रभावी शिक्षण तरीकों पर विस्तार से सत्र संचालित किए।
उत्कृष्ट शिक्षक संकुलों का सम्मान
शिक्षक संकुलों के मनोबल एवं प्रोत्साहन हेतु प्राचार्य अनिरुद्ध यादव द्वारा प्रत्येक विकास खण्ड से एक-एक उत्कृष्ट शिक्षक संकुल को पेन एवं डायरी भेंट कर सम्मानित किया गया।
सम्मानित शिक्षक संकुल इस प्रकार रहे—
अकोला से रुखसाना, अछनेरा से साधना उपाध्याय, बिचपुरी से सोनिया चावला, बाह से सुमित गौतम, बरौली अहीर से निधि शर्मा, एत्मादपुर से हेमंत कुमार, जगनेर से कामता प्रसाद, जैतपुर कलां से लोकेंद्र शर्मा, खेरागढ़ से लेखराज सिंह, खंदौली से शिव शंकर लाल, पिनाहट से पंकज कुमार पाल, नगर क्षेत्र से पंकज उपाध्याय, सैयां से जयदीप एवं शमशाबाद से आभा सिंह।
शिक्षा की गुणवत्ता के लिए सामूहिक संकल्प
बैठक के दौरान शिक्षक संकुलों ने अपने नवाचार, सफल प्रयोगों एवं कुछ व्यावहारिक समस्याओं से भी अधिकारियों को अवगत कराया। इस अवसर पर डायट आगरा के प्रवक्ता अनिल कुमार, यशवीर सिंह, कल्पना सिन्हा, पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, हिमांशु सिंह, लक्ष्मी शर्मा, रंजना पांडे सहित समस्त डायट स्टाफ की सक्रिय सहभागिता रही।
निष्कर्षतः, यह त्रैमासिक समीक्षा बैठक न केवल निपुण भारत मिशन को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई, बल्कि इसने यह स्पष्ट संदेश भी दिया कि जब शिक्षक संकुल संगठित प्रयास करते हैं, तभी हर विद्यालय निपुण और हर बच्चा सक्षम बनता है।
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