Agra Breaking: आगरा में जिलाधिकारी अरविंद बंगारी की अध्यक्षता में मतदेय स्थलों के संभाजन पर महत्वपूर्ण बैठक, 233 नए बूथ जोड़े गए
आगरा में सांसद, विधायक और राजनीतिक दलों की उपस्थिति में जिलाधिकारी अरविंद बंगारी ने मतदेय स्थलों के संभाजन पर विस्तृत समीक्षा की। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार 233 नए बूथ जोड़े गए। नई कॉलोनियों, अपार्टमेंट और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी पुनर्व्यवस्था।

आगरा में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न
मतदेय स्थलों के व्यापक संभाजन पर सांसदों, विधायकों और सभी राजनीतिक दलों के साथ गहन चर्चा
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 18 नवम्बर 2025
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने की, जिसमें सांसदों के प्रतिनिधि, सभी विधानसभाओं के विधायकों, प्रमुख राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और निर्वाचन प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों ने सहभागिता की।
यह बैठक आगरा जनपद के लिए केवल एक “औपचारिक समीक्षा” नहीं थी, बल्कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 2026 के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी थी—जिसमें मतदेय स्थलों (Polling Stations) के संभाजन, पुनर्व्यवस्था, उन्नयन और पुनःनिर्धारण पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
मतदेय स्थल क्यों बदले जा रहे हैं?
पृष्ठभूमि, कारण और आयोग की नीति का विस्तृत संदर्भ**
भारत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि हर मतदाता—
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नज़दीकी बूथ पर मतदान करे
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अधिक भीड़ का सामना न करे
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लंबी लाइनें न लगें
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दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और महिलाओं के लिए मतदान सहज हो
इसके लिए आयोग ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि—
एक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रखे जाएं।
जहाँ इससे अधिक मतदाता हैं, वहाँ संभाजन यानी नया बूथ बनाने की आवश्यकता होती है।
इसके अलावा, देशभर में शहरीकरण तेज़ी से बढ़ रहा है—
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नई कॉलोनियाँ
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मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट
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ग्रुप हाउसिंग
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RWA इलाके
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झुग्गी झोपड़ी समूह
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बाहरी विकसित क्षेत्र
ऐसे क्षेत्रों में पहले बूथ नहीं थे, इसलिए अब पुनर्व्यवस्था अनिवार्य हो गई है।
आगरा जैसे बड़े और तेजी से फैलते शहर में यह बदलाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
आलेख्य सूची 10 नवंबर को प्रकाशित — राजनीतिक दलों ने दिए अपने सुझाव

विशेष पुनरीक्षण के तहत सभी विधानसभाओं के मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची (Draft List)
10 नवंबर को जारी की गई थी। यह सूची सभी राजनीतिक दलों को सौंपी गई, ताकि वे
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गलत स्थानों,
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अत्यधिक दूरी,
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खराब भवन,
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जर्जर स्कूल,
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असुरक्षित जगहें,
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अधिक भीड़
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या विभाजित परिवारों
से जुड़ी अपनी आपत्तियाँ प्रस्तुत कर सकें।
17 नवंबर तक सभी दलों से विस्तृत सुझाव और शिकायतें प्राप्त हुईं।
जिलाधिकारी ने इस बैठक में उन सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए।
जिले में कुल 3696 बूथों का भौतिक सत्यापन — पहली बार इतने बड़े पैमाने पर ग्राउंड चेक
जिलेभर में प्रत्येक बूथ का
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भवन निरीक्षण
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दूरी सत्यापन
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पहुंच-सुगमता (Accessibility)
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सुरक्षा
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बिजली–पानी स्थिति
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बैठने की सुविधा
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दिव्यांगजन रैंप
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भीड़ संभावना
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GPS लोकेशन
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नक्शा अपडेटिंग
जैसी प्रक्रियाओं के साथ भौतिक सत्यापन कराया गया।
यह आगरा की निर्वाचन व्यवस्थाओं के इतिहास में सबसे बृहद ग्राउंड सर्वेक्षण में से एक है।
विधानसभावार पुराने बूथों की संख्या:
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एत्मादपुर – 474
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आगरा कैंट – 469
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आगरा दक्षिण – 390
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आगरा उत्तर – 428
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आगरा ग्रामीण – 448
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फतेहपुर सीकरी – 398
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खेरागढ़ – 360
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फतेहाबाद – 368
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बाह – 361
कुल – 3696 बूथ
संभाजन के बाद अब बूथ बढ़कर 3929 — 233 नए बूथ बने

संभाजन के बाद जिले में कुल 233 नए बूथ बनाए गए।
यह संख्या बताती है कि आगरा में मतदाता संख्या, खासकर शहरी क्षेत्र में, काफी बढ़ी है।
विधानसभावार बढ़े बूथ:
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एत्मादपुर – 46
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आगरा कैंट – 11
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आगरा दक्षिण – 03
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आगरा उत्तर – 23
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आगरा ग्रामीण – 34
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फतेहपुर सीकरी – 22
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खेरागढ़ – 31
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फतेहाबाद – 39
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बाह – 24
नई कुल बूथ संख्या — 3929
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नए मानदंड—आयोग का विशेष जोर
भवन, दूरी, रखरखाव, सुरक्षा और सुविधा का संतुलन**
जिलाधिकारी ने आयोग के नए मानकों का विस्तार से उल्लेख किया:
भवन भूतल पर हों
सीढ़ी, तंग गलियों, ऊँचे भवनों वाले बूथ हटाए जाएंगे।
ग्रुप हाउसिंग/अपार्टमेंट में सामुदायिक हॉल वाले स्थान प्राथमिकता पर
शहरीकरण के अनुरूप बूथों का आधुनिकीकरण।
2 किलोमीटर से अधिक दूरी न हो
किसी मतदाता को 2 किमी से अधिक चलना न पड़े।
परिवार विभाजन न हो
सभी सदस्य एक ही बूथ/खंड में रहें।
जर्जर भवनों का उपयोग नहीं
पुराने, टूटी छतों या बिना सुविधाओं वाले स्कूल/भवन हटाए जाएंगे।
विशेष परिस्थिति में ही 300 से कम मतदाता वाला बूथ
अनिवार्यता स्पष्ट होनी चाहिए।
कोई आक्ज़िलरी बूथ नहीं
हर बूथ स्वतंत्र रूप से संचालित होगा।
राजनीतिक दलों की भागीदारी—लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मजबूत संदेश

बैठक में सभी प्रमुख दलों ने सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई:
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पुरुषोत्तम खंडेलवाल (विधायक)
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डॉ. जीएस धर्मेश (विधायक)
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छोटेलाल वर्मा (विधायक)
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राजकुमार गुप्ता (भाजपा)
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कृष्ण वर्मा (सपा जिला अध्यक्ष)
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संदीप मुखरैया (बसपा)
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अपूर्व शर्मा (कांग्रेस)
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रामेश्वर चौधरी (कांग्रेस)
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सिद्धार्थ चतुर्वेदी (AAP)
सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों की चुनौतियाँ रखीं—
जैसे नई कॉलोनियों में बूथ, मल्टीस्टोरी इमारतों की पहुंच, बूथों की दूरी आदि।
जिलाधिकारी अरविंद बंगारी का स्पष्ट संदेश—“मतदाता सुविधा सर्वोपरि, निर्वाचन प्रक्रिया त्रुटिरहित हो”
जिलाधिकारी ने बैठक के अंत में स्पष्ट कहा—
“हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर मतदाता को सहज, सुरक्षित और सुगम मतदान सुविधा मिले।
मतदेय स्थलों का संभाजन केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार है।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया—
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सभी आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण
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नई कॉलोनियों में बूथ निर्माण
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जर्जर भवनों का प्रतिस्थापन
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भौतिक सुधार
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मार्ग सुगमता
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प्रकाश व्यवस्था
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सुरक्षा मानक
को तुरंत पूरा किया जाए।
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