खेरागढ़आगरा

KHERAGARH: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025: खेरागढ़ के विद्यालय में बच्चों को दी गई मानसिक सशक्तिकरण और सकारात्मक सोच की सीख

आगरा के खेरागढ़ में प्राथमिक विद्यालय कछपुरा, सरेंडा में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। शिक्षकों ने बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच के महत्व पर प्रेरित किया।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025:

प्राथमिक विद्यालय कछपुरा, सरेंडा में बच्चों को दी गई मानसिक सशक्तिकरण और सकारात्मक सोच की सीख

Saleem Sherwani

रिपोर्ट: एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़, हिंदी दैनिक समाचार)

खेरागढ़ / आगरा | 10 अक्टूबर 2025

शिक्षा के साथ मानसिक संतुलन की ओर — एक पहल

खेरागढ़ विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय कछपुरा, सरेंडा में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर गुरुवार को एक विशेष खुली संगोष्ठी और जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था — विद्यालयी बच्चों को मानसिक रूप से सशक्त बनाना, आत्मविश्वास बढ़ाना और तनाव-मुक्त वातावरण तैयार करना।

विद्यालय परिसर में सुबह से ही उत्साह का माहौल था। शिक्षकों ने बच्चों के साथ संवाद सत्र, कहानियाँ और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से उन्हें समझाया कि मन का स्वस्थ रहना, शरीर की तंदुरुस्ती जितना ही जरूरी है।

प्रधानाध्यापक डॉ. सतीश कुमार बोले — “मजबूत मन ही मजबूत समाज की नींव है”

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाध्यापक डॉ. सतीश कुमार ने कहा —

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का मकसद सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि समाज को यह एहसास दिलाना है कि मानसिक स्वास्थ्य, जीवन का आधार है।”

उन्होंने बच्चों को बताया कि दुनियाभर में हर साल 10 अक्टूबर को “विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) मनाया जाता है।
यह परंपरा वर्ष 1992 में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ मेंटल हेल्थ (WFMH) के तत्कालीन डिप्टी सेक्रेटरी जनरल रिचर्ड हंटर के नेतृत्व में शुरू की गई थी।

डॉ. कुमार ने कहा कि पिछले कुछ वर्ष समाज के हर वर्ग के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं। कोविड-19 महामारी, सामाजिक दूरी, ऑनलाइन शिक्षा, और बदलती जीवनशैली ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है।

“ऐसे समय में मानसिक मजबूती ही जीवन में स्थिरता और सफलता की कुंजी है।” — उन्होंने जोड़ा।

शिक्षक राकेश कुमार ने बताया मानसिक स्वास्थ्य का वास्तविक अर्थ

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025, Mental Health Day 2025 Theme, World Mental Health Day in Hindi, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, आगरा समाचार, खेरागढ़ न्यूज़, प्राथमिक विद्यालय कछपुरा, बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, शिक्षक प्रेरणा, शिक्षा समाचार हिंदी, Google Discover News

संगोष्ठी में शिक्षक राकेश कुमार ने छात्रों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के इतिहास, महत्व और व्यवहारिक पहलुओं पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि मनुष्य के भीतर की भावनाएं, विचार और दृष्टिकोण उसके संपूर्ण व्यक्तित्व को आकार देते हैं।

“अगर मन में चिंता, भय या तनाव घर कर जाए, तो व्यक्ति के निर्णय, अध्ययन और व्यवहार पर उसका गहरा असर पड़ता है।”

राकेश कुमार ने बच्चों को तनाव प्रबंधन के सरल उपाय बताते हुए कहा —

  • हर दिन कुछ समय स्वयं से संवाद करें

  • अपनी भावनाओं को साझा करें — शिक्षक, मित्र या परिवार से।

  • सकारात्मक सोच और आभार प्रकट करने की आदत डालें।

  • और सबसे जरूरी — असफलता को अंत नहीं, अनुभव समझें।

उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहना सिर्फ बीमार न होने का संकेत नहीं है, बल्कि यह संतुलित सोच, आत्मविश्वास और भावनात्मक स्थिरता का परिचायक है।

FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR

Apple iPhone 17 Pro Max Launch: Price in India, Features, Camera, Specs & Full Review

वर्ष 2025 की थीम — “सेवाओं तक पहुँच: आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य”

शिक्षक मोहित वर्मा ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025 की वैश्विक थीम पर प्रकाश डालते हुए कहा —

“इस वर्ष का विषय हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि संकट के समय मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं कितनी सुलभ हैं।”

उन्होंने समझाया कि भूकंप, बाढ़, महामारी या किसी भी प्राकृतिक या सामाजिक आपदा में सबसे पहले मनुष्य का मानसिक संतुलन प्रभावित होता है।
ऐसे समय में सरकारों, समाज और संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे

  • परामर्श सेवाओं को सुलभ बनाएं,

  • स्कूलों में काउंसलिंग सेशन चलाएं,

  • और मानसिक स्वास्थ्य को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाएं।

“हर व्यक्ति, चाहे वह बच्चा हो या वयस्क — अच्छे मानसिक स्वास्थ्य का हकदार है।” — मोहित वर्मा

बच्चों ने साझा किए अनुभव, सीखी सकारात्मक सोच की शक्ति

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025, Mental Health Day 2025 Theme, World Mental Health Day in Hindi, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, आगरा समाचार, खेरागढ़ न्यूज़, प्राथमिक विद्यालय कछपुरा, बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, शिक्षक प्रेरणा, शिक्षा समाचार हिंदी, Google Discover News

संगोष्ठी में बच्चों ने भी खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
कई छात्रों ने बताया कि परीक्षा का डर, घर का तनाव और सोशल मीडिया का दबाव उन्हें कभी-कभी परेशान करता है।
शिक्षकों ने उन्हें समझाया कि इन परिस्थितियों में गहरी साँस लेना, ध्यान केंद्रित करना, और बातचीत करना सबसे बेहतर उपाय हैं।

विद्यालय के स्टाफ ने बताया कि अब वे हर महीने “मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र” आयोजित करेंगे ताकि बच्चे खुलकर अपने विचार रख सकें।

YouTube Premium Lite India Launch 2025 | Ads-Free Videos अब कम कीमत में

संदेश और समापन

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाध्यापक डॉ. सतीश कुमार ने कहा —

“अगर हम बच्चों को शुरू से ही मानसिक रूप से मजबूत बनाएं, तो वे आगे चलकर समाज को संतुलन और संवेदना देने वाले नागरिक बनेंगे।”

बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। सभी शिक्षकों और छात्रों ने यह संकल्प लिया कि वे मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करेंगे।

निष्कर्ष

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि यह मानवता की संवेदना का दिन है — जब हमें याद आता है कि मानसिक शांति और आत्मबल, जीवन की सबसे बड़ी पूँजी हैं।

“स्वस्थ मन ही स्वस्थ समाज का निर्माण करता है।”

CHECK ALSO:

AGRA NEWS: मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में मण्डलीय समीक्षा बैठक सम्पन्न | कर वसूली, कृषक योजना और दीपावली सुरक्षा पर दिए निर्देश

AGRA BREAKING: जिलाधिकारी आगरा अरविंद मल्लप्पा बंगारी के सुझाव “डिजिटल वॉल ऑफ फेम” में शामिल – विकसित भारत 2047 में आगरा का राष्ट्रीय योगदान

मिशन शक्ति 5.0: आगरा के विद्यालयों में छात्राओं को मिला आत्मरक्षा व महिला सुरक्षा का ज्ञान | Mission Shakti Agra News

KHERAGARH NEWS, LATEST KHERAGARH NEWS, HINDI DAINIK SAMACHAR

Related Articles

Back to top button