पितृ पक्ष में निकली कलश यात्रा, 14 से 20 सितम्बर तक होगी श्रीमद भागवत कथा | आगरा न्यूज़
आगरा में पितृ पक्ष के अवसर पर श्रीमद भागवत कथा का भव्य आयोजन। नार्थ ईदगाह कॉलोनी से निकली कलश यात्रा में कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय समेत सैकड़ों भक्त शामिल। कथा 14 से 20 सितम्बर तक ठाकुर श्री ब्रज किशोर जी महाराज मंदिर, धाकरान पर होगी।

पितृ पक्ष में पितरों की शांति के लिए निकली कलश यात्रा, श्रीमद भागवत कथा का आगाज आज से
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा-12.09.2025
आगरा। पितृ पक्ष का समय हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए धार्मिक कार्य, दान-पुण्य और भगवान का स्मरण सीधे हमारे पूर्वजों तक पहुंचता है और उनकी आत्मा को शांति मिलती है। इसी पावन अवसर पर आगरा में श्रीमद भागवत महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
कथा से पहले शनिवार को नार्थ ईदगाह कॉलोनी पुलिस लाइन स्थित हनुमान मंदिर से एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में 51 कलश सजाकर महिलाओं ने पूरे उत्साह और भक्ति भाव से भाग लिया। सैकड़ों श्रद्धालु भी कलश यात्रा के साक्षी बने।
कलश यात्रा का माहौल बेहद भक्तिमय था। महिलाएं मंगल गीत गाती हुई आगे बढ़ रही थीं तो युवाओं और श्रद्धालुओं के जयकारों से वातावरण गूंज रहा था। सड़कें पुष्प वर्षा और रंग-बिरंगे ध्वजों से सजी हुई थीं।
योगेंद्र उपाध्याय बने यात्रा के साक्षी
कलश यात्रा के दौरान प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री (उच्च शिक्षा) योगेंद्र उपाध्याय भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में संस्कार, भक्ति और सद्भाव फैलाने का माध्यम भी है।
कथा वाचन का दायित्व रामस्नेही संत अजब राम जी महाराज (पुष्कर, राजस्थान) निभा रहे हैं। उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि वे सात दिनों तक कथा सुनकर न केवल पितरों की आत्मा की शांति का साधन करें बल्कि अपने जीवन में भी धर्म, ज्ञान और भक्ति का संतुलन बनाएं।
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कथा का कार्यक्रम और महत्व
आयोजक अजय सिंह ने जानकारी दी कि कथा का आयोजन 14 सितम्बर से 20 सितम्बर तक होगा।
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स्थान: ठाकुर श्री ब्रज किशोर जी महाराज मंदिर, धाकरान चौराहा, आगरा।
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समय: प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक।
कथा समापन पर 20 सितम्बर को भव्य प्रसादी वितरण और भंडारा भी आयोजित किया जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितृ पक्ष में भागवत कथा सुनने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और उनकी आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि और संतोष का वास होता है।
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी

कथा आयोजन में बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य और आमजन मौजूद रहे।
इनमें कर्ण सिंह धाकड़, राजवीर सिंह धाकड़, धर्मेंद्र धाकड़, शशिभूषण, विक्रम चौधरी, योगेंद्र चौधरी, नंदलाल, भोजराज चौधरी सहित अनेक श्रद्धालु शामिल रहे।
कथा स्थल पर भक्तों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बैठने, पानी, प्रसाद और पार्किंग की उचित व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
क्यों खास है यह आयोजन?
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पितृ पक्ष का महत्व: हिंदू परंपरा में यह समय पूर्वजों की आत्मा को तर्पण और धार्मिक कार्यों के जरिए संतुष्ट करने का माना जाता है।
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सात दिन का ज्ञान महायज्ञ: भागवत कथा के सभी अध्याय संत अजब राम जी महाराज अपनी वाणी से सुनाएंगे।
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धर्म और समाज का संगम: कथा से न केवल धार्मिक ज्ञान मिलेगा बल्कि समाज में शांति, सौहार्द और सद्भाव का संदेश भी जाएगा।
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स्थानीय लोगों की भागीदारी: आयोजन में आसपास के गाँवों और कॉलोनियों से भी भक्त बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
- आयोजकों ने सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे कथा में सम्मिलित होकर न केवल अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए योगदान दें बल्कि इस पावन अवसर पर धर्म और भक्ति का भी अनुभव करें।
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