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खेरागढ़ में दिव्यांग बच्चों के लिए पंजीकरण शिविर

समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत खेरागढ़ आगरा में दिव्यांग बच्चों के पंजीकरण और दिव्यांग प्रमाण पत्र हेतु शिविर आयोजित, 50 से अधिक बच्चों ने भाग लिया।

खेरागढ़ में समग्र शिक्षा अभियान के तहत दिव्यांग बच्चों का पंजीकरण शिविर आयोजित

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)-

आगरा समाचार

आगरा। शिक्षा सबके लिए समान और सुलभ हो, इसी लक्ष्य को लेकर सरकार समग्र शिक्षा अभियान चला रही है। इसी क्रम में खेरागढ़ ब्लॉक संसाधन केंद्र पर दिव्यांग बच्चों के पंजीकरण और दिव्यांग प्रमाण पत्र (UDID) बनाने के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) खेरागढ़ महेश चंद ने किया।

शिविर में लगभग 50 दिव्यांग बच्चे और उनके अभिभावकों ने भाग लिया। इसमें डॉक्टरों की टीम ने बच्चों का परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी किया। साथ ही विशेष शिक्षकों (स्पेशल एजुकेटर) ने बच्चों का समग्र शिक्षा अभियान के तहत पंजीकरण किया।

दिव्यांग बच्चों के लिए पहल क्यों जरूरी?

भारत में बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। कई बार उन्हें सामान्य बच्चों के साथ पढ़ाई करने में कठिनाइयाँ होती हैं। समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Abhiyan) का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, चाहे वह शारीरिक, मानसिक, दृष्टि या श्रवण दिव्यांगता से ही क्यों न जूझ रहा हो।

खेरागढ़ का यह शिविर इस दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ। यहां आए बच्चों और उनके परिवारों ने बताया कि अब उन्हें सरकारी योजनाओं और शिक्षा में आसानी से लाभ मिलेगा।

खेरागढ़, दिव्यांग बच्चों, पंजीकरण शिविर

शिविर में हुआ चिकित्सकीय परीक्षण

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अरुण श्रीवास्तव के निर्देशन में डॉक्टरों की टीम ने दिव्यांग बच्चों का परीक्षण किया। इस टीम में शामिल रहे –

  • डॉ. अंकित कपूर

  • डॉ. ममता यादव

  • डॉ. प्रवेंद्र वर्मा

  • डॉ. विवेक त्रिपाठी

  • पुनीत मिश्रा

इन विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बच्चों की शारीरिक व मानसिक स्थिति का आकलन किया और उन्हें दिव्यांग प्रमाण पत्र (UDID Card) जारी करने की प्रक्रिया शुरू की।

दिव्यांग प्रमाण पत्र (UDID) के लाभ

दिव्यांग बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ तभी मिल सकता है, जब उनके पास मान्यता प्राप्त दिव्यांग प्रमाण पत्र हो। इस प्रमाण पत्र से बच्चों को –

  • सरकारी स्कूलों में विशेष शिक्षा सुविधाएं

  • स्कॉलरशिप और छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ

  • चिकित्सा सुविधा और सहायक उपकरण

  • रोजगार और व्यावसायिक प्रशिक्षण में प्राथमिकता

  • दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्रालय की योजनाओं तक पहुंच

मिलती है। इस शिविर का सबसे बड़ा लाभ यही था कि बच्चों को यह प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर और सरल तरीके से उपलब्ध हुई।

स्पेशल एजुकेटर का योगदान

इस शिविर में माध्यमिक शिक्षा विभाग से आए स्पेशल एजुकेटर श्याम धाकरे और दीपेश कुमार ने बच्चों का पंजीकरण किया।

इसके अलावा स्पेशल एजुकेटर छत्तर सिंह और अमर मिश्रा ने भी शिविर में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों को समझाया कि कैसे दिव्यांग बच्चे सामान्य शिक्षा के साथ-साथ विशेष शैक्षिक सहायता से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

खेरागढ़, दिव्यांग बच्चों, पंजीकरण शिविर

शिविर की व्यवस्थाएं

कार्यक्रम को सफल बनाने में बीआरसी कार्यालय स्टाफ का भी विशेष योगदान रहा।

  • कार्यालय सहायक वीरेंद्र सिंह और जयवीर सिंह

  • कंप्यूटर ऑपरेटर अमीर आज़म

ने पंजीकरण, डाटा एंट्री और व्यवस्थाओं में अहम सहयोग किया।

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50 से अधिक बच्चों को मिला नया अवसर

शिविर में शामिल हुए लगभग 50 से अधिक दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों ने खुशी जताई। उनका कहना था कि पहले उन्हें प्रमाण पत्र और पंजीकरण के लिए कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे।

अब यह प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर एक ही स्थान पर पूरी होने से उनका समय और धन दोनों की बचत हुई। अभिभावकों का मानना है कि इससे उनके बच्चों को शिक्षा और भविष्य में स्वावलंबन की दिशा में बड़ा सहारा मिलेगा।

समग्र शिक्षा अभियान का उद्देश्य

समग्र शिक्षा अभियान (SSA) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य है –

  • सभी बच्चों को समान अवसरों के साथ शिक्षा उपलब्ध कराना।

  • दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण और संसाधन मुहैया कराना।

  • स्कूलों में समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) को बढ़ावा देना।

  • बच्चों के लिए सहायक उपकरण और शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराना।

खेरागढ़ शिविर इसी सोच को मजबूत करता है।

प्रशासन की सक्रियता

इस पूरे शिविर में खंड शिक्षा अधिकारी महेश चंद की सक्रियता और टीम वर्क साफ दिखाई दिया। उन्होंने अभिभावकों से संवाद कर आश्वासन दिया कि कोई भी दिव्यांग बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में ऐसे शिविरों का आयोजन नियमित रूप से हर ब्लॉक में किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चों तक यह सुविधा पहुंच सके।

सामाजिक दृष्टि से महत्व

दिव्यांग बच्चों का पंजीकरण और प्रमाण पत्र केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह सामाजिक समानता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

यह शिविर यह संदेश देता है कि समाज तभी प्रगति कर सकता है, जब हर बच्चा – चाहे वह दिव्यांग हो या सक्षम – शिक्षा और अवसरों से जुड़ा हो।

निष्कर्ष

खेरागढ़, आगरा में आयोजित यह शिविर न केवल दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों के लिए राहत लेकर आया बल्कि इसने प्रशासन की संवेदनशीलता और समग्र शिक्षा अभियान की वास्तविक भावना को भी मजबूत किया।

मुख्य बिंदु:

  • लगभग 50 दिव्यांग बच्चों का पंजीकरण और प्रमाण पत्र बना।

  • डॉक्टरों की टीम ने बच्चों का परीक्षण किया।

  • स्पेशल एजुकेटर ने बच्चों का SSA के तहत पंजीकरण किया।

  • प्रशासन ने शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने का वादा किया।

यह कार्यक्रम आगरा जनपद में दिव्यांग बच्चों के लिए नई उम्मीद और उज्जवल भविष्य की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

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