AGRA FLOOD: आगरा यमुना और चंबल नदी की बाढ़ से प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा, डीएम ने दिए निर्देश
आगरा में यमुना और चंबल नदी की बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत। अब तक 1045 किसानों को डीबीटी से ₹64.93 लाख का भुगतान। जिलाधिकारी ने शेष प्रभावितों को भी शीघ्र मुआवजा देने के दिए निर्देश।

AGRA FLOOD: आगरा यमुना और चंबल नदी की बाढ़ से प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा, जिलाधिकारी ने कहा– कोई भी किसान छूटना नहीं चाहिए
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 21 सितंबर 2025।
आगरा जिले में इस वर्ष यमुना और चंबल नदी में आई भीषण बाढ़ ने गांवों की ज़िंदगी अस्त-व्यस्त कर दी। खेतों में खड़ी फसलें डूब गईं, किसानों की सालभर की मेहनत पानी में बह गई और घरों में भी भारी क्षति हुई। अब प्रशासन ने राहत और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को तेज़ कर दिया है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण कराकर किसानों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मुआवजा दिलाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
बाढ़ का असर: खेतों और जीवन पर भारी चोट
जुलाई और अगस्त 2025 में चंबल और यमुना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया।
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तहसील बाह और आस-पास के गांवों में किसानों की फसलें पूरी तरह डूब गईं।
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धान, बाजरा, मक्का, गन्ना जैसी प्रमुख फसलें बर्बाद हो गईं।
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कई किसानों के घरों में पानी भर गया, जिससे घरेलू सामान तक नष्ट हो गया।
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पशुधन को भी खतरे का सामना करना पड़ा।
स्थानीय किसानों ने बताया कि यह बाढ़ उनके लिए पिछले कई सालों में सबसे बड़ी आपदा साबित हुई है।
राहत कार्य: 1045 किसानों को मिला मुआवजा

एडीएम (वित्त एवं राजस्व) श्रीमती शुभांगी शुक्ला ने जानकारी दी कि प्रशासन ने राजस्व और कृषि विभाग की टीमों को प्रभावित गांवों में भेजा।
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अब तक 22 गांवों का सर्वे पूरा हो चुका है।
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15 गांवों के 1045 किसानों को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए ₹64,93,091 का भुगतान कर दिया गया है।
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शेष किसानों का डेटा राहत पोर्टल पर अपलोड (फीडिंग) किया जा रहा है।
इससे पहले प्रभावित किसानों को मुआवजा के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस बार प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही कर राहत प्रक्रिया को गति दी है।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी तथा विधायक फतेहाबाद छोटेलाल वर्मा ने बाढ़ प्रभावित गांवों का
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यमुना नदी से प्रभावित गांव: मुआवजे की प्रतीक्षा
जहां चंबल प्रभावित गांवों में भुगतान शुरू हो चुका है, वहीं यमुना नदी से प्रभावित गांवों का सर्वे अभी जारी है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि –
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फीडिंग कार्य में तेजी लाई जाए।
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जिन किसानों का नुकसान हुआ है, उन्हें हर हाल में सूची में शामिल किया जाए।
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भुगतान प्रक्रिया में कोई भी पात्र किसान छूटना नहीं चाहिए।
जिलाधिकारी का सख्त संदेश
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बैठक में स्पष्ट कहा:
“बाढ़ प्रभावित किसानों तक राहत पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जिन किसानों की फसलें और जीवन प्रभावित हुए हैं, उन्हें उचित मुआवजा मिले। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अधिकारी खुद गांवों का दौरा करें, किसानों की समस्याएं सुनें और तुरंत रिपोर्ट बनाकर राहत पोर्टल पर अपलोड करें।
किसानों की उम्मीदें और जमीनी हालात

प्रभावित किसान अब मुआवजा मिलने की प्रक्रिया से राहत महसूस कर रहे हैं।
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कई किसानों का कहना है कि डीबीटी से सीधे बैंक खाते में पैसा आने से पारदर्शिता बनी रहती है और किसी प्रकार की कटौती का डर नहीं रहता।
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हालांकि, जिन किसानों का नाम अभी तक सूची में नहीं आया, वे इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द उन्हें भी भुगतान मिलेगा।
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ग्रामीणों का कहना है कि फसलों के साथ-साथ घर और पशुधन को भी नुकसान हुआ है, इसलिए व्यापक स्तर पर सहायता की ज़रूरत है।
प्रशासन की चुनौती

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सबसे बड़ी चुनौती तेज़ी से सर्वेक्षण पूरा करना और राहत पोर्टल पर सही जानकारी अपलोड करना है।
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कई गांवों के किसान दस्तावेज़ों और आधार सीडिंग की समस्याओं के कारण मुआवजा सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं।
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जिलाधिकारी ने ऐसे मामलों के समाधान के लिए विशेष टीम बनाने के संकेत दिए हैं।
निष्कर्ष
आगरा जिले में यमुना और चंबल नदी की बाढ़ से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। लेकिन राहत की बात यह है कि प्रशासन ने अब तक हजारों किसानों तक मुआवजा पहुंचा दिया है और शेष किसानों को भी जल्द ही भुगतान का आश्वासन दिया गया है।
जिलाधिकारी के सख्त निर्देश और पारदर्शी प्रक्रिया यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि “कोई भी किसान छूटे नहीं और हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुँचे।”
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