खेरागढ़ लोककल्याण मेला 2025: खेरागढ़ लोककल्याण मेले में खाद्य स्वच्छता पर विशेष फोकस, विक्रेताओं को दिए गए अहम सुझाव
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
खेरागढ़, 01-10-2025
खेरागढ़/आगरा।
खेरागढ़ नगर पंचायत द्वारा आयोजित लोककल्याण मेला 2025 इस बार केवल सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा। मेले की सबसे बड़ी खासियत रही – खाद्य स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता। मेले में आमंत्रित स्थानीय फल-सब्जी, नाश्ता, फास्ट फूड और मिठाई विक्रेताओं को साफ-सुथरे खानपान और उपभोक्ताओं की सेहत की जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दी उपयोगी जानकारियाँ
इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र कुमार चौरसिया ने विक्रेताओं को विस्तार से समझाया कि—
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खाना बनाने और तलने के लिए हमेशा ताज़ा और शुद्ध रिफाइंड तेल या तिलहन आधारित तेल का ही इस्तेमाल करें।
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पुराना तेल दोबारा इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
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मिठाइयों में मिलावट रहित घी और शुद्ध दूध उत्पाद का प्रयोग करें।
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सभी खाद्य सामग्री को हमेशा ढककर रखें ताकि मक्खियों और धूल से बचाया जा सके।
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बर्तन, हाथ और कार्यस्थल की साफ-सफाई को प्राथमिकता दें।
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पीने योग्य फ़िल्टर किया हुआ या उबला हुआ पानी ही ग्राहकों को दें।
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कचरे का सही निस्तारण करें और आसपास गंदगी न फैलाएँ।
उन्होंने कहा—
“स्वच्छता कोई औपचारिक नियम भर नहीं है, यह उपभोक्ता के जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा से सीधा जुड़ा हुआ है। जब ग्राहक सुरक्षित भोजन खाएँगे तभी वे दोबारा आपके पास आएँगे और विश्वास कायम होगा।”
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नगर पंचायत की मंशा – “स्वच्छ खानपान, स्वस्थ समाज”
नगर पंचायत चेयरमैन सुधीर गर्ग ‘गुड्डू’ ने विक्रेताओं से संवाद करते हुए कहा कि—
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नगर पंचायत की प्राथमिकता केवल मेले का आयोजन नहीं, बल्कि जनहित और स्वास्थ्य सुरक्षा है।
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अगर विक्रेता हाइजीन का पालन करेंगे तो आगरा और खेरागढ़ की पहचान और मजबूत होगी।
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स्वच्छ खानपान से न केवल ग्राहक संतुष्ट होंगे, बल्कि यह नगर के विकास और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
उन्होंने अपील की कि—
“हर विक्रेता अपनी जिम्मेदारी समझे और स्वच्छता को व्यवसाय का अभिन्न हिस्सा बनाए। यही नगर की सकारात्मक पहचान है और यही नागरिकों का अधिकार भी।”
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विक्रेताओं और जनता की प्रतिक्रियाएँ
मेले में शामिल मिठाई और स्नैक्स विक्रेताओं ने इस पहल का स्वागत किया। एक स्थानीय हलवाई ने कहा—
“हम वर्षों से मिठाई बनाते आ रहे हैं, लेकिन आज पहली बार इतनी विस्तार से जानकारी मिली कि तेल, दूध और पानी की गुणवत्ता कैसे हमारे ग्राहकों के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। यह हमारे लिए आंखें खोलने जैसा अनुभव है।”
दूसरी ओर, मेले में आए आगंतुकों ने भी इस प्रयास को सराहा। उनका कहना था कि ऐसे अभियानों से ग्राहक और विक्रेता दोनों जागरूक होंगे और नगर का वातावरण और स्वच्छ बनेगा।
प्रशासन और अधिकारियों की मौजूदगी
इस मौके पर अधिशासी अधिकारी मोहम्मद रजा, नगर पंचायत के सभी सभासद, स्थानीय समाजसेवी और बड़ी संख्या में विक्रेता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे और खेरागढ़ को स्वच्छ खानपान का आदर्श नगर बनाने में योगदान देंगे।
क्यों ज़रूरी है खाद्य स्वच्छता?
विशेषज्ञों का मानना है कि—
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अस्वच्छ खानपान से डायरिया, फूड पॉइजनिंग, टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियाँ फैलती हैं।
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बार-बार गर्म किए गए तेल का सेवन हार्ट डिजीज और कैंसर का खतरा बढ़ा देता है।
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स्वच्छ भोजन न सिर्फ स्वास्थ्य सुरक्षित करता है, बल्कि उपभोक्ता के मन में विश्वास और निष्ठा भी पैदा करता है।
यही कारण है कि नगर पंचायत ने इस बार मनोरंजन के साथ स्वास्थ्य जागरूकता को भी मेले का अहम हिस्सा बनाया।
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भविष्य की दिशा
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने घोषणा की कि आने वाले समय में—
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समय-समय पर खाद्य सुरक्षा शिविर आयोजित किए जाएंगे।
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स्कूल और कॉलेज स्तर पर भी स्वच्छता वर्कशॉप चलाए जाएंगे।
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विक्रेताओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें फूड लाइसेंसिंग और गुणवत्ता नियंत्रण से जोड़ा जाएगा।
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