समर्थ व विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान: आगरा संवाद में खेरागढ़ के बच्चों की प्रतिभा ने बटोरा सबका ध्यान

रिपोर्ट: एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)

आगरा, 08 सितम्बर 2025

उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित प्रदेश’ बनने का संकल्प लिया है। इसी विजन को लेकर राज्यभर में “समर्थ व विकसित उत्तर प्रदेश @2047” अभियान के अंतर्गत संवाद और परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है। इस कड़ी में सोमवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, खंदारी परिसर (आगरा) में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ, जिसने न केवल नीति-निर्माण की नई दिशा तय की बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों की भागीदारी को भी अहमियत दी।

उद्देश्य – क्यों ज़रूरी है यह संवाद?

इस संवाद का मुख्य उद्देश्य था कि आने वाले 22 वर्षों में जब भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक उत्तर प्रदेश को सम्पूर्ण विकसित प्रदेश बनाया जा सके।

  • यह विजन डॉक्यूमेंट केवल सरकार की सोच नहीं होगा, बल्कि आम जनता, किसानों, छात्रों, विशेषज्ञों और उद्योग जगत के सामूहिक सुझावों का परिणाम होगा।

  • कार्यक्रम का मकसद यह भी था कि विकास योजनाएँ सिर्फ ऊपर से थोपे जाने वाली न हों बल्कि गाँव-गाँव की ज़रूरतें, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और रोजगार की चुनौतियाँ इसमें शामिल हों।

विजन डॉक्यूमेंट की रूपरेखा

जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने उद्घाटन करते हुए कहा कि यह डॉक्यूमेंट तीन मुख्य थीम्स पर आधारित होगा:

  1. अर्थ शक्ति (Economic Power) – उद्योग, व्यापार, कृषि और रोजगार को नई ऊँचाइयों तक ले जाना।

  2. सृजन शक्ति (Creative Power) – शिक्षा, शोध, नवाचार और सांस्कृतिक धरोहर का विकास।

  3. जीवन शक्ति (Life Power) – स्वास्थ्य, समाज कल्याण, सुशासन और बेहतर जीवन स्तर।

इसके साथ ही इसमें 12 प्रमुख सेक्टर को शामिल किया गया है – कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, डिजिटल नवाचार, ग्रामीण-शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, समाज कल्याण और सुशासन।

बड़े विशेषज्ञों की मौजूदगी

संवाद कार्यक्रम में प्रदेश और देश के कई दिग्गज विशेषज्ञ व अधिकारी शामिल हुए।

  • डॉ. केवी राजू – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आर्थिक सलाहकार

  • डॉ. हरिओम – प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास

  • प्रदीप भटनागर – पूर्व आईएएस अधिकारी

  • योगेश पवार – पूर्व प्रमुख अभियंता (लोक निर्माण विभाग)

  • डॉ. विभा निगम – पूर्व प्रोफेसर (दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट)

  • यू.एन. सिंह – पूर्व प्रोफेसर (आरबीएस कॉलेज)

इन सभी ने प्रदेश की उपलब्धियों का मूल्यांकन किया और भविष्य की योजनाओं पर गहराई से चर्चा की।

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खेरागढ़ के बच्चों ने बढ़ाया मान

कार्यक्रम की सबसे खास बात रही – खेरागढ़ ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय भाकर कंपोजिट के बच्चों की शानदार प्रस्तुति।

  • प्रिंस (कक्षा 7) ने महान वैज्ञानिकों और उनके योगदान पर प्रभावी विचार रखे।

  • जितेंद्र (कक्षा 8) ने ICT और कंप्यूटर शिक्षा पर शानदार प्रस्तुति दी।

दोनों छात्रों ने यह साबित किया कि भविष्य का उत्तर प्रदेश केवल अधिकारियों और विशेषज्ञों पर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की प्रतिभा पर भी निर्भर करेगा।

बेसिक शिक्षा विभाग की भूमिका

बेसिक शिक्षा विभाग से जितेंद्र कुमार गोंड ने विभाग की नीतियों और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

  • सहायक अध्यापक अशोक कुमार ने प्राथमिक शिक्षा से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान पर विचार प्रस्तुत किए।

  • कार्यक्रम में कई सम्मानित शिक्षकों ने भी भागीदारी की, जिनमें शामिल थे:

    • सुमित कुमार सिंह (BEO मुख्यालय)

    • श्रीमती प्रीती सिंह (SRG)

    • श्रीमती मीना सिंह पुष्कर (SRG आगरा)

    • सत्य पाल सिंह (राज्य अध्यापक पुरस्कार 2019)

    • श्रीकान्त कुलश्रेष्ठ (राज्य अध्यापक पुरस्कार 2020)

    • श्रीमती प्रियंका गौतम (राज्य अध्यापक पुरस्कार 2023)

    • बहोरन सिंह (राज्य अध्यापक पुरस्कार 2024)

    • शिव कुमार शर्मा

आमजन और विशेषज्ञों का साझा विजन

आगरा संवाद में खेरागढ़ के छात्रों की चमक

इस संवाद ने यह स्पष्ट कर दिया कि अगर 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाना है तो इसमें सरकार, विशेषज्ञ, किसान, व्यापारी, शिक्षक, छात्र और ग्रामीण समाज – सभी की भागीदारी जरूरी है।

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