Agra Breaking News: राष्ट्रीय आविष्कार अभियान: आगरा के 80 छात्रों का शैक्षिक भ्रमण, सूर सरोवर से भालू संरक्षण केंद्र तक सीख
आगरा नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के 80 छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत सूर सरोवर पक्षी विहार, भालू संरक्षण केंद्र, सूर कुटी और दृष्टि बाधित विद्यालय का शैक्षिक भ्रमण किया। बच्चों ने प्रकृति, विज्ञान और सामाजिक संवेदनशीलता की अनूठी सीख ली।

राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत आगरा के परिषदीय विद्यालयों का शैक्षिक भ्रमण: 80 बच्चों ने प्रकृति, विज्ञान और संवेदनशीलता का लिया जीवंत अनुभव
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 16 फरवरी 2026
शिक्षा को कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकालकर अनुभवों से जोड़ने की दिशा में आगरा नगर क्षेत्र ने सराहनीय पहल की। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत खंड शिक्षा अधिकारी, नगर क्षेत्र आगरा के निर्देशन में परिषदीय विद्यालयों के लगभग 80 छात्र-छात्राओं एवं 20 शिक्षक-शिक्षिकाओं का ब्लॉक स्तरीय शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया।
इस भ्रमण का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पर्यावरण के प्रति जागरूकता, सामाजिक संवेदनशीलता और सांस्कृतिक समझ विकसित करना था। दिनभर चले इस शैक्षिक दौरे में विद्यार्थियों ने प्रकृति, वन्यजीव संरक्षण, साहित्यिक विरासत और विशेष शिक्षा प्रणाली को करीब से देखा और समझा।
सूर सरोवर पक्षी विहार में जैव विविधता का अध्ययन

भ्रमण का पहला पड़ाव रहा सूर सरोवर पक्षी विहार, जो प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है। यहां विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को प्राकृतिक परिवेश में देखा।
शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि प्रवासी पक्षी हजारों किलोमीटर की यात्रा तय कर भारत आते हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बच्चों ने दूरबीन के माध्यम से पक्षियों का अवलोकन किया और उनके व्यवहार, भोजन और आवास के बारे में जानकारी प्राप्त की।
यह अनुभव उनके लिए किसी जीवंत विज्ञान प्रयोगशाला से कम नहीं था।
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आगरा भालू संरक्षण केंद्र में वन्यजीव संरक्षण की सीख

इसके पश्चात विद्यार्थियों ने आगरा भालू संरक्षण केंद्र का भ्रमण किया। यहां उन्हें बताया गया कि किस प्रकार रेस्क्यू किए गए भालुओं का उपचार, पुनर्वास और देखभाल की जाती है।
वन्यजीव विशेषज्ञों ने बच्चों को समझाया कि अवैध शिकार और पशु क्रूरता से वन्यजीवों को कितना नुकसान पहुंचता है। बच्चों ने सीखा कि संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
इस स्थल पर बच्चों ने वन्यजीवों के प्रति करुणा और जिम्मेदारी की भावना को महसूस किया।
सूर कुटी में साहित्यिक प्रेरणा
भ्रमण का अगला पड़ाव था सूर कुटी, जो महान संत कवि सूरदास से जुड़ा ऐतिहासिक स्थल है। यहां विद्यार्थियों को भारतीय साहित्य और भक्ति आंदोलन की जानकारी दी गई।
शिक्षकों ने बच्चों को सूरदास के जीवन संघर्ष और उनकी काव्य रचनाओं के महत्व से अवगत कराया। इस स्थल ने विद्यार्थियों में सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और गर्व की भावना जागृत की।
दृष्टि बाधित विद्यालय में सामाजिक संवेदनशीलता का अनुभव

भ्रमण का सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायक हिस्सा था कीठम स्थित दृष्टि बाधित बच्चों के विद्यालय का दौरा। यहां विद्यार्थियों ने देखा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चे किस प्रकार ब्रेल लिपि और विशेष संसाधनों के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
इस अनुभव ने सामान्य विद्यार्थियों के मन में सहानुभूति, सम्मान और सहयोग की भावना को और प्रगाढ़ किया। कई बच्चों ने कहा कि उन्होंने पहली बार समझा कि कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा की लौ कैसे जलती रहती है।
शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका
इस शैक्षिक भ्रमण को सफल बनाने में एस.आर.जी. प्रीति सिंह, ए.आर.पी. नगेंद्र उपाध्याय एवं विष्णु शर्मा के साथ शिवकुमार शर्मा, पंकज उपाध्याय, अलका यादव, अपूर्वा शर्मा, अर्चना जाट, प्रीति सक्सेना, मनीषा गौतम, स्नेहलता कुलश्रेष्ठ, उषा सेंगर, निधि वर्मा, कीर्ति दुबे, श्वेता सिकरवार सहित अनेक शिक्षकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने प्रत्येक स्थल पर बच्चों को मार्गदर्शन दिया, प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित किया और सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया।
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान का उद्देश्य हुआ साकार
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान का लक्ष्य विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है। यह भ्रमण उसी दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुआ।
किताबों में पढ़े गए विषय जब वास्तविक जीवन में सामने आते हैं, तो सीखने की प्रक्रिया कहीं अधिक प्रभावी हो जाती है। बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक समावेशन जैसे विषयों को व्यवहारिक रूप से समझा।
बच्चों में दिखा नया आत्मविश्वास

भ्रमण से लौटते समय बच्चों के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। कई विद्यार्थियों ने भविष्य में वैज्ञानिक, पर्यावरणविद् या समाजसेवी बनने की इच्छा व्यक्त की।
यह शैक्षिक यात्रा न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण साबित हुई।
निष्कर्ष
आगरा नगर क्षेत्र द्वारा राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत आयोजित यह शैक्षिक भ्रमण शिक्षा को जीवन से जोड़ने की एक प्रेरक पहल है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में जिज्ञासा, संवेदनशीलता और रचनात्मकता का विकास करते हैं।
यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि शिक्षा को अनुभव आधारित बनाया जाए, तो विद्यार्थी केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए सीखते हैं।
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