समर्पण और सेवा की मिसाल
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) –
आगरा।
जीवन का सबसे यादगार पल तब आता है जब एक लंबा कार्यकाल पूर्ण कर इंसान को समाज और साथियों से सम्मान मिलता है। सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय में कार्यरत प्रधान सहायक राजकुमार श्रीवास्तव का ऐसा ही भावुक क्षण तब आया जब उनकी सेवानिवृत्ति पर रविवार को एक गरिमामयी सम्मान समारोह का आयोजन मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक कार्यालय, आगरा में हुआ।
समारोह की गरिमा बढ़ाने पहुंचे अधिकारी
इस अवसर पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ऐश्वर्या लक्ष्मी ने अध्यक्षता करते हुए कहा –
“राजकुमार श्रीवास्तव ने अपने पूरे कार्यकाल में शिक्षा विभाग की नीतियों को धरातल तक पहुँचाने में जिस निष्ठा और ईमानदारी से काम किया, वह हम सबके लिए प्रेरणा है।”
इसके साथ ही प्राचार्य डायट आगरा पुष्पा कुमारी, प्राचार्य डायट फिरोजाबाद ब्रिजेंद्र कुमार, पूर्व प्राचार्य डायट डॉ. इंद्र प्रकाश सिंह सोलंकी, श्याम प्रकाश यादव, कमलेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक फिरोजाबाद धीरेंद्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय आगरा विश्व प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य अनिरुद्ध यादव, मुदिता पांडेय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
भावनात्मक पल और शुभकामनाएँ
समारोह का संचालन भीष्म पाल सिंह ने किया।
इस मौके पर विभिन्न कार्यालयों के अधिकारी व कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि श्रीवास्तव की कार्यशैली और उनकी व्यवहार कुशलता सदैव याद की जाएगी।
अनुराग सिंह, आनंद जोशी, सुंदर सिंह, प्रबल सिंह, लक्ष्मी नारायण गुप्ता, अरुणेश, प्रदीप चंद्र दुबे सहित सभी कर्मचारियों ने उन्हें उपहार भेंट किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
परिवार और सहकर्मियों की उपस्थिति ने बनाया यादगार
कार्यक्रम में श्रीवास्तव का परिवार भी मौजूद रहा। अपने साथियों और अधिकारियों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति देखकर वे भावुक हो उठे। उन्होंने कहा –
“सेवा काल के दौरान मुझे हमेशा साथियों और अधिकारियों का सहयोग मिला। यह सम्मान मेरे अकेले का नहीं बल्कि पूरी टीम की निष्ठा और मेहनत का परिणाम है।”
शिक्षा विभाग में योगदान
राजकुमार श्रीवास्तव ने अपने लंबे कार्यकाल में शिक्षा विभाग से जुड़े कई प्रशासनिक दायित्व निभाए। चाहे विद्यालयों से संबंधित पत्राचार हो या योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय की भूमिका, हर कार्य में उनकी गहरी समझ और त्वरित निर्णय क्षमता झलकती थी। सहकर्मी बताते हैं कि वे हमेशा नए कर्मचारियों को मार्गदर्शन देने और कठिन कार्यों को सरल बनाने में आगे रहते थे।
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समाज में संदेश
उनकी विदाई केवल एक कर्मचारी की सेवानिवृत्ति नहीं बल्कि यह संदेश भी थी कि ईमानदारी, समर्पण और टीम भावना से किया गया कार्य हमेशा लोगों की स्मृतियों में जिंदा रहता है।
उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर लालजी कश्यप, दिनेश सिन्हा, अजय कुलश्रेष्ठ, कुलदीप तिवारी सहित मंडल के विभिन्न अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सभी ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
निष्कर्ष
राजकुमार श्रीवास्तव का यह सम्मान समारोह साबित करता है कि कर्म के प्रति निष्ठा और ईमानदारी से निभाई गई जिम्मेदारी जीवनभर लोगों के दिलों में जगह बना देती है।
उनकी विदाई ने शिक्षा विभाग के साथियों और अधिकारियों को यह प्रेरणा दी कि सेवा का वास्तविक मूल्य सम्मान और विश्वास में छिपा है।
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