डायट आगरा में सम्पन्न हुआ तीन दिवसीय आवश्यकता आधारित शिक्षक प्रशिक्षण, शिक्षण में आएगा नवाचार
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 24 सितम्बर 2025
आगरा। शिक्षा की गुणवत्ता सुधार और बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डायट आगरा (DIET Agra) में आयोजित तीन दिवसीय आवश्यकता आधारित शिक्षक प्रशिक्षण का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, जीवन कौशल, तनाव प्रबंधन और बच्चों की बहुआयामी प्रतिभा विकास की ओर उन्मुख करना था।
113 शिक्षकों ने लिया भाग
इस प्रशिक्षण में जिले के सभी ब्लॉकों से चयनित शिक्षकों को शामिल किया गया था। कुल 113 शिक्षक इसमें प्रतिभागी बने। इन सभी शिक्षकों को इस प्रकार से प्रशिक्षित किया गया कि वे आगे चलकर अपने-अपने विद्यालयों में बच्चों को नई सोच, नए कौशल और रचनात्मकता के साथ पढ़ा सकें।
समापन अवसर पर डायट की प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक पुष्पा कुमारी ने कहा –
“इस प्रशिक्षण की असली सफलता तभी होगी जब इसका परिणाम कक्षा-कक्ष में बच्चों के सीखने के तरीके, उनके आत्मविश्वास और उनके व्यवहार में दिखाई दे।”
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प्रशिक्षण की मुख्य झलकियां
इस तीन दिवसीय कार्यशाला को विभिन्न संदर्भदाताओं ने अलग-अलग विषयों पर संचालित किया। हर सत्र का फोकस शिक्षकों को व्यावहारिक और बच्चों के जीवन से जुड़ी सीख देना था।
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तनाव प्रबंधन और प्रार्थना स्थल गतिविधियां –
संदर्भदाता भावना सिंह ने शिक्षकों को यह समझाया कि तनाव मुक्त वातावरण में पढ़ाई और सीखने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने प्रार्थना और सकारात्मक गतिविधियों को विद्यालय जीवन में शामिल करने पर जोर दिया। -
कबाड़ से जुगाड़ और टीएलएम निर्माण –
संदर्भदाता बबीता वर्मा ने दिखाया कि कैसे बेकार मानी जाने वाली वस्तुओं से उपयोगी शैक्षिक सामग्री (TLM) बनाई जा सकती है। उन्होंने शिक्षकों को सिखाया कि रचनात्मकता बच्चों को पढ़ाई में और अधिक जोड़ सकती है। -
विद्यालय विकास योजना, कला एवं संगीत आधारित शिक्षण –
संदर्भदाता पूजा शर्मा और रानी चाहर ने समूह चर्चा और प्रेजेंटेशन के माध्यम से यह समझाया कि विद्यालय का माहौल कैसे सकारात्मक बनाया जाए। उन्होंने बताया कि कला, संगीत और गतिविधियों का बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर गहरा असर होता है।
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नेतृत्व और जीवन कौशल पर विशेष ध्यान
प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य यह था कि शिक्षक केवल पढ़ाई पर ध्यान न दें बल्कि बच्चों को जीवन जीने की कला भी सिखाएं।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में जिन विषयों पर विशेष फोकस रहा, उनमें शामिल हैं:
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नेतृत्व कौशल का विकास
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खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का महत्व
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तनाव प्रबंधन और मानसिक संतुलन
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परिवेशीय संसाधनों का बेहतर उपयोग
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सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा
उन्होंने कहा कि इन सबका उद्देश्य यह है कि बच्चे जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास से करें और समाज में जिम्मेदार नागरिक बनें।
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प्रमाण पत्र वितरण और सम्मान
समापन के अवसर पर सभी प्रतिभागी शिक्षकों और संदर्भदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का संचालन स्वयं डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने किया और इस दौरान शिक्षकों में उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।
शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायक पहल
इस प्रशिक्षण में प्रवक्ता अनिल कुमार, यशवीर सिंह, कल्पना सिन्हा, हिमांशु सिंह, प्रज्ञा शर्मा, रंजना पांडे, अबू मोहम्मद आसिफ, लक्ष्मी शर्मा, यशपाल सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, संजीव कुमार सत्यार्थी, डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता, धर्मेंद्र प्रसाद गौतम सहित अन्य शिक्षकों का विशेष सहयोग रहा।
डायट आगरा का यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण न केवल शिक्षकों को नई दिशा देने वाला साबित हुआ बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और आधुनिक शिक्षा पद्धति की ओर एक सार्थक कदम भी माना जा रहा है।
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