शिक्षक दिवस 2025 पर बच्चों को मिला अनोखा तोहफा – निःशुल्क आईडी कार्ड पाकर खिले नन्हें चेहरे
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) –
शिक्षक दिवस का अवसर बच्चों के लिए इस बार बेहद खास साबित हुआ। प्राथमिक विद्यालय कछपुरा सरेंडा में आयोजित विशेष समारोह में नन्हें-मुन्ने छात्रों को निःशुल्क पहचान पत्र (आईडी कार्ड) वितरित किए गए। इस पहल से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और विद्यालय का वातावरण उत्सव जैसा बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ – गुरु और ज्ञान को समर्पण
शिक्षक दिवस के अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति के अनुसार की गई।
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मुख्य अतिथियों और शिक्षकों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर पुष्प अर्पित किए।
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इसके बाद देश के द्वितीय राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन किया गया।
यह क्षण बच्चों और ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
बच्चों को मिला नया आत्मविश्वास – आईडी कार्ड का वितरण
विद्यालय संकुल के मो. अजीम कुरैशी, प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय पहाड़ी कलां, विद्यालय की गतिविधियों से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने सभी नामांकित छात्रों को फ्री आईडी कार्ड उपलब्ध कराए।
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आईडी कार्ड मिलने पर बच्चे बेहद उत्साहित दिखे।
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अभिभावकों ने भी इस कदम को सराहते हुए कहा कि यह पहल न केवल बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी है बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाएगी।
शिक्षकों की प्रेरणादायी बातें
समारोह में उपस्थित शिक्षकों ने बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराया।
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शिक्षक राकेश कुमार ने डॉ. राधाकृष्णन के जीवन और शिक्षा दर्शन पर प्रकाश डाला।
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डॉ. सतीश कुमार ने कहा – “शिक्षा तभी सार्थक है जब वह जीवन को दिशा दे और समाज के काम आए। शिक्षा एक ऐसा धन है जिसे न कोई चुरा सकता है, न बांट सकता है।”
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प्रदीप कुमार ने बच्चों के सर्वांगीण विकास में मां समूह के योगदान की सराहना की।

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हिंदी दिवस प्रतियोगिता की घोषणा
कार्यक्रम का एक और आकर्षण रहा – ब्रदर्स ग्रुप द्वारा आगामी 14 सितंबर हिंदी दिवस पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता की जानकारी।
बच्चों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। इससे छात्रों में उत्साह और भी बढ़ गया।
बच्चों और शिक्षकों का सम्मान
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ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालय की सजावट की और कार्यक्रम को उत्सव का रूप दिया।
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इस अवसर पर केक काटकर शिक्षकों का सम्मान किया गया।
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बच्चों को कॉपी, पेन, आईडी कार्ड, टॉफी और मिष्ठान वितरित किए गए।
बच्चों की मुस्कान और खुशी इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे शामिल
इस खास अवसर पर डॉ. सतीश कुमार, राकेश कुमार, मो. अजीम कुरैशी, प्रदीप कुमार, डॉ. चेतराम, ब्रदर्स ग्रुप के कार्यकर्ता और दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
गांववासियों ने शिक्षकों और विद्यालय परिवार के इस प्रयास की खुलकर सराहना की।

निष्कर्ष
शिक्षक दिवस पर बच्चों को निःशुल्क आईडी कार्ड वितरण का यह आयोजन न केवल बच्चों की खुशी का कारण बना बल्कि समाज में शिक्षा के महत्व और शिक्षक-छात्र के रिश्ते को और भी गहरा कर गया। यह पहल आने वाले समय में ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बन सकती है।
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