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आगरा संवाद 2025 : उद्योग-प्रशासन संवाद से नई राह

आगरा संवाद 2025 में राजस्व परिषद व लघु उद्योग भारती का सफल संवाद, भूमि आवंटन, म्यूटेशन व औद्योगिक विकास पर चर्चा।

आगरा संवाद 2025 : उद्योग जगत और प्रशासन के बीच मजबूत संवाद, औद्योगिक विकास की नई राहें खुलीं

 

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)-

आगरा | 29 अगस्त 2025

ताज नगरी आगरा हमेशा से ही व्यापार, उद्योग और सांस्कृतिक समृद्धि का केंद्र रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जेपी पैलेस, आगरा में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया— “आगरा संवाद 2025”। यह संवाद कार्यक्रम लघु उद्योग भारती, आगरा और क्रेडाई आगरा के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ।

इस आयोजन में प्रदेश के उद्योग जगत और प्रशासन के शीर्ष अधिकारी एक साथ मंच पर आए। कार्यक्रम में राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अनिल कुमार (IAS) मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी गरिमामयी बना दिया।

दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मंच पर आगरा के उद्योग जगत से जुड़े दिग्गज, प्रशासनिक अधिकारी और लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधि उपस्थित थे। माहौल में एक अलग ही उत्साह था, क्योंकि लंबे समय से उद्योग जगत और प्रशासन के बीच सीधे संवाद की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

आगरा संवाद 2025

उद्योग जगत की मुख्य समस्याओं पर खुला संवाद

बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण रहा उद्योग जगत और प्रशासन के बीच सीधा संवाद।
उद्योग प्रतिनिधियों ने विस्तार से अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें प्रमुख बिंदु रहे—

  • औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन में आ रही दिक्कतें

  • म्यूटेशन (नामांतरण) प्रक्रिया में देरी

  • जल निकासी और भू-उपयोग परिवर्तन की समस्याएँ

  • चकबंदी (land consolidation) संबंधी अड़चनें

  • डिजिटल रिकार्ड और रजिस्ट्री को लेकर पारदर्शिता

इन विषयों पर खुलकर चर्चा हुई और उद्योग जगत ने ठोस सुझाव भी दिए।

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अनिल कुमार (IAS) का आश्वासन

राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अनिल कुमार (IAS) ने उद्योग जगत की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी बात रखी।

उन्होंने बताया कि परिषद धारा-वार डिजिटलीकरण प्रक्रिया पर तेज़ी से काम कर रही है।
इससे रजिस्ट्री, म्यूटेशन और भूमि संबंधी विवादों का समाधान बहुत आसान हो जाएगा।

उन्होंने आश्वस्त किया कि—

  • Ease of Doing Business को और बेहतर बनाने के लिए नीतिगत बदलाव किए जाएंगे।

  • उद्योग जगत से मिले सुझावों पर नीति-स्तर पर गंभीरता से विचार होगा।

  • प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देना है।

  • उद्यमियों की हर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

उनका यह भरोसा उद्योग जगत के लिए उम्मीद की एक नई किरण साबित हुआ।

प्रशासन की सक्रिय भागीदारी

इस अवसर पर आगरा मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह (IAS) और जिलाधिकारी आगरा अरविंद मलप्पा बंगारी (IAS) भी उपस्थित रहे।
दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रशासन हमेशा उद्योगों के साथ खड़ा रहेगा और हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

आगरा संवाद 2025

उद्योग जगत का ज्ञापन प्रस्तुत

कार्यक्रम के दौरान लघु उद्योग भारती, आगरा द्वारा एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
इसमें निम्नलिखित मुख्य सुझाव दिए गए—

  • औद्योगिक इकाइयों को तेज़ी से भूमि आवंटन

  • म्यूटेशन और चकबंदी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना

  • भू-उपयोग परिवर्तन (Land Use Conversion) में आसानी

  • डिजिटल रिकार्ड की शुद्धता और सुलभता सुनिश्चित करना

इस ज्ञापन को गंभीरता से सुना गया और तत्काल कार्यवाही का आश्वासन भी दिया गया।

राकेश गर्ग और उद्योग प्रतिनिधियों के विचार

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राकेश गर्ग (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड) ने कहा कि उद्योग और प्रशासन का यह सीधा संवाद प्रदेश के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने कहा—
“जब उद्योग जगत की समस्याएं सीधे शीर्ष प्रशासन तक पहुंचेंगी, तो उनके समाधान भी तेज़ी से होंगे। यही संवाद रोजगार सृजन और निवेश बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।”

भावुक क्षण : श्रद्धांजलि सभा

कार्यक्रम का संचालन सादगीपूर्ण रखा गया, क्योंकि इसी दिन राजस्व परिषद के एक अधिकारी की सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई थी।
सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

आगरा संवाद 2025 का महत्व

इस संवाद कार्यक्रम ने एक बात साफ कर दी कि—
प्रदेश सरकार और प्रशासन, उद्योग जगत को सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • इस पहल से औद्योगिक निवेश बढ़ेगा।

  • नई इकाइयों के लिए भूमि आवंटन आसान होगा।

  • रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

  • आगरा और आसपास के क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएँ खुलेंगी।

निष्कर्ष

आगरा संवाद 2025” केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उद्योग जगत और प्रशासन के बीच विश्वास और साझेदारी की नई शुरुआत थी।
यह संवाद निश्चित रूप से प्रदेश के औद्योगिक विकास और युवाओं के रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित होगा।

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