आगरा में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का विस्तृत दौरा, शिक्षक अधिवेशन, बीमा सम्मेलन और सामाजिक कार्यक्रमों में दिए बड़े संदेश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 12 अप्रैल 2026।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का आगरा दौरा रविवार को कई मायनों में खास रहा। यह दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, बीमा क्षेत्र के विस्तार, ऐतिहासिक विरासत और राजनीतिक दृष्टिकोण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा और संदेश देखने को मिला। पूरे दिन चले इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने अलग-अलग मंचों से समाज के विभिन्न वर्गों को संबोधित करते हुए “विकसित भारत” के विज़न को दोहराया।
भव्य स्वागत और प्रशासनिक मौजूदगी

उपमुख्यमंत्री के आगरा आगमन पर खेरिया एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सहित जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस स्वागत ने उनके दौरे की गरिमा को प्रारंभ से ही ऊंचाई प्रदान की।
बीमा सम्मेलन में आर्थिक सुरक्षा पर जोर

फतेहाबाद रोड स्थित होटल ग्रांड मरक्युर में आयोजित नेशनल फेडरेशन ऑफ इंश्योरेंस फील्ड वर्कर्स ऑफ इंडिया की 30वीं क्षेत्रीय आमसभा-2026 में उपमुख्यमंत्री ने भाग लिया।
उन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के विकास अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीमा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं। जीएसटी में राहत और प्रक्रियाओं को सरल बनाने से अब आम नागरिक के लिए बीमा लेना आसान हुआ है।
उन्होंने एक महत्वपूर्ण तथ्य रखते हुए कहा कि देश में अभी भी लगभग 90 से 100 करोड़ लोग बीमा कवरेज से बाहर हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे केवल बड़े ग्राहकों तक सीमित न रहें, बल्कि गरीब और ग्रामीण वर्ग तक बीमा योजनाएं पहुंचाएं।
“बीमा केवल आर्थिक सुरक्षा नहीं, बल्कि परिवार के भविष्य की गारंटी है” — इस संदेश के साथ उन्होंने बीमा क्षेत्र को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बताया।
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शिक्षक अधिवेशन: शिक्षा सुधार और जिम्मेदारी पर जोर

राजदेवम ऑडिटोरियम में आयोजित शिक्षक संगठन (यूटा) के प्रांतीय अधिवेशन के समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ और उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि:
- प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की लगभग 80% समस्याओं का समाधान कर दिया है
- शेष 20% समस्याओं पर भी प्राथमिकता से कार्य चल रहा है
- शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है
उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण और चर्चा योग्य बात कही:
“जब शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे, तभी समाज का विश्वास भी इन स्कूलों पर मजबूत होगा।”
उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि आज के वैज्ञानिक, इंजीनियर और प्रशासक इन्हीं विद्यालयों से निकलते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि:
- 16 लाख से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई
- शिक्षामित्रों का मानदेय 3,000 से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया
- अनुदेशकों के मानदेय में भी वृद्धि की गई
इन फैसलों को उन्होंने “शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार” बताया।
वैज्ञानिक उपलब्धियों का उदाहरण देकर प्रेरित किया
उपमुख्यमंत्री ने अपने भाषण में भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में भारत ने थोरियम को परमाणु ऊर्जा में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है—जो कई विकसित देश भी नहीं कर सके।
उन्होंने इसका श्रेय शिक्षकों को देते हुए कहा कि हर वैज्ञानिक के पीछे उसके शिक्षक का योगदान होता है।
सम्राट अशोक जयंती समारोह: इतिहास और गौरव का संदेश
फतेहाबाद स्थित कामता प्रसाद मैदान में आयोजित सम्राट अशोक जयंती समारोह में उपमुख्यमंत्री ने सम्राट अशोक की लाट का लोकार्पण किया।
उन्होंने सम्राट अशोक और चन्द्रगुप्त मौर्य के योगदान को विस्तार से बताते हुए कहा कि मौर्य साम्राज्य ने भारत को एकता और शक्ति का संदेश दिया।
उन्होंने यह भी बताया कि नए संसद भवन के शिखर पर सम्राट अशोक की लाट स्थापित की गई है, जो भारत की प्राचीन विरासत और आधुनिक विकास का संगम है।
“2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना हमारा लक्ष्य है” — उन्होंने यह संकल्प दोहराया।
निषाद समाज के योगदान को किया याद
रामबाग में आयोजित महाराज गुह्यराज निषाद और महर्षि कश्यप जयंती कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने निषाद समाज के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया।
उन्होंने भगवान राम और निषादराज की मित्रता का उल्लेख करते हुए इसे सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान निषाद समाज ने कारसेवकों को नदियां पार कराकर अयोध्या पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
साथ ही उन्होंने रहनकला में निषादराज की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा भी की।
सामाजिक योजनाओं और विकास पर फोकस
अपने विभिन्न संबोधनों में उपमुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं को भी विस्तार से रखा:
- गरीबों को राशन, आवास और पेंशन
- किसानों को सम्मान निधि
- महिलाओं के लिए योजनाएं और आरक्षण
- आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधा
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक विकास पहुंचाना है।
राजनीतिक संदेश और भविष्य की दिशा
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सरकार संविधान और आरक्षण की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विश्वास जताया कि देश 2047 तक एक मजबूत और विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा।
जनप्रतिनिधियों की व्यापक उपस्थिति
इस पूरे दौरे में केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, सांसद राजकुमार चाहर, राज्यसभा सदस्य नवीन जैन, विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
निष्कर्ष
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का यह दौरा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, आर्थिक सुरक्षा और ऐतिहासिक गौरव का संगम साबित हुआ।
उन्होंने अपने संदेशों के माध्यम से स्पष्ट किया कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब शिक्षा, समाज और शासन तीनों मिलकर एक मजबूत आधार तैयार करें।
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