“हर बच्चा स्कूल जाए”—शिक्षा का दिया गया संदेश
डायट प्रवक्ता डॉ. मनोज वार्ष्णेय ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों और अभिभावकों को प्रेरित करते हुए कहा कि बच्चों में जिज्ञासा और सीखने की ललक विकसित करना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, जहां शिक्षा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने ग्रामवासियों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।
“शिक्षा से ही भविष्य सुरक्षित होता है और समाज का विकास संभव होता है”
उन्होंने विद्यालय की उपलब्धियों, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
शिक्षकों की सक्रिय भूमिका और समर्पण

इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय प्रभारी श्रीमती अंजू रानी के नेतृत्व में शिक्षकों और स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक बहोरन सिंह, सहायक अध्यापक रवि राज, राहुल कुमार कैन, अनुदेशक रवि शंकर, नहर सिंह, हरेंद्र (ईसीसी) सहित सभी शिक्षकों ने मिलकर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की और उसे सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया।
शिक्षकों ने न केवल रैली का संचालन किया, बल्कि गांव-गांव जाकर अभिभावकों से संवाद स्थापित कर बच्चों के नामांकन के लिए प्रेरित किया।
अभिभावकों और समाज की भागीदारी
कार्यक्रम में एसआरजी श्रीमती मीना पुष्कर एवं एकेडमिक रिसोर्स पर्सन श्रीमती कल्पना छोंकर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार है और उसे विद्यालय से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर गांव के समाजसेवी एवं पूर्व छात्र सुनील कुमार की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया। उनकी सहभागिता ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है।
सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
रैली के माध्यम से यह भी बताया गया कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, पुस्तकें, यूनिफॉर्म, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति जैसी अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
आभार और समापन
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रभारी श्रीमती अंजू रानी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे ताकि शिक्षा के प्रति जागरूकता को और अधिक बढ़ाया जा सके।
निष्कर्ष
पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय बल्हेरा में आयोजित यह डिजिटल रैली केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूकता का एक व्यापक अभियान बनकर सामने आई।
यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जब विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक और समाज मिलकर प्रयास करते हैं, तो शिक्षा का प्रकाश हर घर तक पहुंच सकता है।
ऐसे प्रयास निश्चित रूप से “हर बच्चा स्कूल जाए” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।