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डायट आगरा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वाद-विवाद प्रतियोगिता | छात्रों ने रखे पक्ष और विपक्ष के विचार

डायट आगरा में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने एआई के पक्ष और विपक्ष में अपने विचार रखे। जानिए विजेताओं के नाम और शिक्षा में AI की भूमिका।

डायट आगरा में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर छात्रों ने रखे अपने विचार

 

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) –

आगरा। शिक्षा के क्षेत्र में नई तकनीक और बदलते परिवेश को ध्यान में रखते हुए डायट आगरा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर एक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों को केवल बोलने का मंच देना ही नहीं था, बल्कि उन्हें नई तकनीक की गहराई, संभावनाओं और चुनौतियों पर गंभीरता से विचार करने का अवसर प्रदान करना भी था।

एआई पर दो दृष्टिकोण: पक्ष और विपक्ष

प्रतियोगिता में बैच 2023 और बैच 2024 के प्रशिक्षुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 21 प्रतिभागियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव, इसके भविष्य में उपयोग और समाज पर संभावित दुष्प्रभावों को लेकर अपने-अपने विचार रखे।

  • पक्ष में बोलने वाले प्रतिभागियों ने एआई को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और दैनिक जीवन में सहायक बताते हुए कहा कि यह तकनीक इंसानी जीवन को आसान और उत्पादक बना रही है।

  • वहीं विपक्ष में विचार रखने वाले प्रतिभागियों ने आगाह किया कि अगर एआई पर नियंत्रण नहीं रखा गया तो यह बेरोजगारी, निजता का हनन, सामाजिक असमानता और नैतिक मूल्यों पर खतरा भी बन सकता है।

इस चर्चा ने प्रतियोगिता को जीवंत बना दिया और दर्शकों ने छात्रों के आत्मविश्वास और विषय पर पकड़ की सराहना की।

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विजेता प्रतिभागी

कड़े मुकाबले के बाद निर्णायक मंडल ने निम्नलिखित प्रतिभागियों को विजेता घोषित किया –

  • प्रथम स्थान – हर्षवर्धन

  • द्वितीय स्थान – अंशु गौतम

  • तृतीय स्थान – शिवम शुक्ला

निर्णायक मंडल और आयोजन टीम

इस प्रतियोगिता का निर्णायक मंडल था:

  • साहब सिंह, प्रवक्ता, मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र आगरा

  • सनत कुमार आर्य, प्रवक्ता, राजकीय शिशु प्रशिक्षण महाविद्यालय आगरा

कार्यक्रम का संचालन सेवा-पूर्व प्रशिक्षण प्रभारी यशवीर सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम प्रभारी यशपाल सिंह थे।

साथ ही, इस अवसर पर कई शिक्षाविद और विशेषज्ञ मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे –
अनिल कुमार, हिमांशु सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, श्रीमती रंजना पांडे, डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, श्रीमती लक्ष्मी शर्मा, अबू मोहम्मद आसिफ, डॉ. डी.के. गुप्ता, मुकेश सिन्हा, गौरव भार्गव और अमित दीक्षित।

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शिक्षा और एआई: क्यों है जरूरी विमर्श?

यह प्रतियोगिता केवल भाषण तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने एक बड़े प्रश्न पर चर्चा छेड़ दी – क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा और समाज के लिए वरदान है या अभिशाप?

  • शिक्षा जगत में एआई का उपयोग पर्सनलाइज्ड लर्निंग, ऑनलाइन लर्निंग टूल्स, और तेजी से डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में हो रहा है।

  • वहीं दूसरी ओर, शिक्षकों और विशेषज्ञों ने यह भी माना कि तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता छात्रों की क्रिटिकल थिंकिंग और क्रिएटिविटी को प्रभावित कर सकती है।

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प्रतियोगिता का महत्व

इस वाद-विवाद प्रतियोगिता ने छात्रों को यह सीखने का अवसर दिया कि –

  1. तकनीकी विकास को समझने के लिए सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं का मूल्यांकन जरूरी है।

  2. एआई जैसी आधुनिक तकनीक के सही उपयोग से शिक्षा और समाज दोनों में क्रांति लाई जा सकती है।

  3. लेकिन इसके लिए नैतिकता, मानवीय मूल्य और संतुलित दृष्टिकोण को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।

निष्कर्ष

डायट आगरा में आयोजित यह प्रतियोगिता छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक अनुभव साबित हुई। इसमें उन्होंने न केवल अपनी वाक्पटुता और ज्ञान का प्रदर्शन किया, बल्कि तकनीक और समाज के भविष्य पर गहन चिंतन भी किया।

ऐसे आयोजनों से स्पष्ट होता है कि भारत का युवा वर्ग न केवल तकनीक का उपयोग करना चाहता है, बल्कि उसके निहितार्थों को भी समझना चाहता है।

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AGRA NEWS, HINDI DAINIK SAMACHAR

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