आगरा में एफपीओ निगरानी समिति बैठक सम्पन्न
आगरा में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एफपीओ जनपदस्तरीय निगरानी समिति की बैठक हुई, कृषकों को योजनाओं की जानकारी दी गई।
आगरा में एफपीओ निगरानी समिति बैठक सम्पन्न, कृषकों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) –
आगरा। कृषि क्षेत्र की मजबूती और किसानों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के उद्देश्य से 27 अगस्त 2025 को विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह ने की। यह बैठक कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) की जनपदस्तरीय निगरानी समिति के तहत आयोजित हुई।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ और एफपीओ से जुड़े सदस्य शामिल हुए। सभी ने मिलकर इस बात पर चर्चा की कि किसानों तक योजनाओं की जानकारी कैसे सरल तरीके से पहुंचे और वे उसका सीधा लाभ अपने खेतों और उत्पादन में कैसे ले सकें।
एफपीओ क्या है और क्यों है जरूरी?
एफपीओ यानी कृषक उत्पादक संगठन (Farmer Producer Organization) किसानों का एक सामूहिक समूह होता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को संगठित कर उनके उत्पादों की बिक्री, विपणन और उत्पादन क्षमता को मजबूत करना है। एफपीओ किसानों को न केवल बेहतर दाम दिलाने में मदद करता है बल्कि उन्हें बीज, खाद, तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी दिलाता है।
सरकार की मंशा है कि प्रत्येक जिले में ऐसे एफपीओ मजबूत हों ताकि किसानों को बाजार की चुनौतियों से अकेले न जूझना पड़े।
बैठक में हुई प्रमुख चर्चाएं
बैठक की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने की। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में योजनाएं तभी सफल होंगी जब उनकी सही जानकारी किसानों तक पहुंचे।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तार से जानकारी साझा की। उदाहरण के तौर पर—
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कृषि विभाग ने बीज वितरण, उर्वरक सब्सिडी और नई तकनीकों के बारे में बताया।
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पशुपालन विभाग ने पशुओं के टीकाकरण, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजनाओं और गोवंश सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी।
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सहकारिता विभाग ने किसानों को ऋण सुविधा, सहकारी समितियों से जुड़ने और सामूहिक क्रय-विक्रय के लाभ समझाए।
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मत्स्य विभाग ने मत्स्य पालन के लिए मिलने वाली सरकारी सहायता और तकनीकी प्रशिक्षण पर प्रकाश डाला।
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एफपीओ की ग्रेडिंग और फार्मर आईडी पर जोर
बैठक में उप कृषि निदेशक ने विशेष रूप से बताया कि सभी एफपीओ को अब शक्ति पोर्टल (Shakti Portal) पर अपनी ग्रेडिंग और संपूर्ण विवरण अंकित करना होगा।
साथ ही, प्रत्येक एफपीओ को अपने सभी सदस्य किसानों की फार्मर आईडी बनानी होगी। यह आईडी भविष्य में किसानों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं का आधार बनेगी।
इससे किसानों को विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ जल्दी और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा।
शिकायतें और सुझाव भी सुने गए
बैठक में मौजूद एफपीओ प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी साझा किए।
कई प्रतिनिधियों ने बताया कि योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। कुछ ने शिकायत की कि फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया धीमी है। वहीं, अन्य ने बाजार तक पहुंच की समस्या और उत्पाद के सही दाम न मिलने की बात कही।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि—
“एफपीओ किसानों के लिए बहुत बड़ी ताकत हैं। यदि इनकी समस्याएं समय पर हल होंगी तो किसान भी आत्मनिर्भर बनेंगे।”
अगली बैठक के लिए विशेष निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अगली बैठक में अपनी योजनाओं की पीपीटी (PowerPoint Presentation) तैयार करें। इसका उद्देश्य यह है कि एफपीओ सदस्यों को योजनाओं का दृश्यात्मक और सरल रूप से ज्ञान हो सके।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग अपनी उपलब्धियां और चुनौतियां भी साझा करें ताकि एक पारदर्शी व्यवस्था बने।
धन्यवाद ज्ञापन और समापन
बैठक के अंत में जिला कृषि अधिकारी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और किसानों के उत्थान में एफपीओ की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि—
“आज की बैठक से जो निष्कर्ष निकले हैं, वे निश्चित ही किसानों को योजनाओं से जोड़ने में मददगार साबित होंगे।”
बैठक के औपचारिक समापन की घोषणा मुख्य विकास अधिकारी की सहमति से की गई।
बैठक में मौजूद अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से—
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उप कृषि निदेशक
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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जिला कृषि अधिकारी
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सहायक निबंधक सहकारिता
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ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक
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मत्स्य निरीक्षक
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अन्य विभागों के प्रतिनिधि
किसानों के लिए क्या होगा लाभ?
इस बैठक के बाद यह तय हुआ कि एफपीओ को न केवल योजनाओं की जानकारी समय से दी जाएगी बल्कि शिकायतों का समाधान भी तेज़ी से होगा।
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किसान सीधे योजनाओं का लाभ उठा पाएंगे।
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फार्मर आईडी बनने से उनकी पहचान मजबूत होगी और योजनाएं उन तक सीधे पहुंचेंगी।
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बाजार में उनके उत्पादों को बेहतर दाम मिलेंगे।
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सरकारी विभागों के साथ तालमेल बढ़ेगा।
निष्कर्ष
आगरा में हुई एफपीओ निगरानी समिति की बैठक ने यह साफ कर दिया कि सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। योजनाओं की सही जानकारी और पारदर्शी क्रियान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उनका जीवन स्तर सुधरेगा।
मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह ने स्पष्ट किया कि—
“हमारा उद्देश्य केवल योजनाएं चलाना नहीं है, बल्कि उन्हें किसानों तक पहुंचाना और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।”
यह बैठक न केवल योजनाओं की जानकारी का आदान-प्रदान थी बल्कि किसानों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान खोजने का एक अहम मंच भी बनी।
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