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आगरा में खरीफ सीजन हेतु उर्वरक उपलब्धता पर समीक्षा बैठक

मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने खरीफ सीजन में उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों व कंपनियों संग बैठक कर निर्देश दिए।

आगरा में खरीफ सीजन हेतु उर्वरक उपलब्धता पर समीक्षा बैठक

 

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) – 

आगरा। खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए विकास भवन सभागार में महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्रीमती प्रतिभा सिंह ने की। बैठक का उद्देश्य था कि जनपद के किसानों को यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे आवश्यक उर्वरक समय से और निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराए जा सकें।

खरीफ सीजन में उर्वरक की बढ़ती मांग

खरीफ का मौसम किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। धान, मक्का, ज्वार, बाजरा और दालों जैसी फसलों की बुवाई इसी समय होती है। इन फसलों को सही समय पर खाद और उर्वरक मिलना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती चरण में पौधों की वृद्धि इन्हीं पर निर्भर करती है। अगर समय पर यूरिया, डीएपी और एनपीके न मिले तो पैदावार प्रभावित हो सकती है।

सीडीओ ने बैठक में स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए उर्वरकों का निर्बाध वितरण और निगरानी जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

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उर्वरकों की उपलब्धता पर रिपोर्ट

बैठक में जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि आगरा जनपद में इस समय पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है।

  • यूरिया (Urea) – भरपूर स्टॉक

  • डीएपी (DAP) – किसानों की आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध

  • एनपीके (NPK) – सभी ब्लॉकों में पर्याप्त मात्रा में वितरित

इससे स्पष्ट है कि खरीफ सीजन की मांग को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।

कंपनियों के प्रतिनिधियों की भागीदारी

बैठक में जिले की 11 कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इन कंपनियों को निर्देशित किया गया कि:

  • बिक्री केंद्रों पर रेट बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं।

  • स्टॉक रजिस्टर और कैश मीमो हर समय अपडेट रखे जाएं।

  • उर्वरकों की बिक्री निर्धारित दरों पर ही की जाए।

  • किसानों को किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी या कालाबाजारी का सामना न करना पड़े।

सीडीओ के निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह ने बैठक में सभी अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए:

  1. रेट बोर्ड और स्टॉक रजिस्टर की नियमित जांच होगी।

  2. किसी भी किसान से तय दर से अधिक वसूली नहीं की जाएगी।

  3. यूरिया, डीएपी और एनपीके की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

  4. बिक्री केंद्रों पर किसानों को आसानी से उर्वरक मिलें।

  5. शिकायतों की जांच तुरंत की जाए और दोषी विक्रेताओं पर कार्रवाई हो।

 

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किसानों के लिए राहत

इस बैठक से किसानों में राहत की भावना दिखी। पिछले वर्षों में कई बार किसानों को उर्वरक की कमी और कालाबाजारी का सामना करना पड़ा था। लेकिन इस बार प्रशासन ने शुरुआत से ही सख्त निगरानी का फैसला लिया है।

किसानों का कहना है कि अगर यूरिया और डीएपी समय पर और उचित मूल्य पर उपलब्ध रहे, तो उनकी फसलों की पैदावार में काफी सुधार होगा।

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कृषि विभाग की सतत निगरानी

बैठक में यह भी तय किया गया कि कृषि विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर बिक्री केंद्रों का निरीक्षण करेंगी। अगर कहीं कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सीधे जिला कृषि अधिकारी कार्यालय या नियंत्रण कक्ष में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया है।

निष्कर्ष

मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक ने साफ कर दिया कि आगरा प्रशासन किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा। खरीफ सीजन में यूरिया, डीएपी और एनपीके की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और उनकी बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

यह बैठक न केवल किसानों के हित में है, बल्कि आगरा जिले की कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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