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स्वतंत्रता दिवस पर सामुदायिक सहयोग से स्कूल को मिला उपहार

आगरा के खेरागढ़ में स्वतंत्रता दिवस पर सामुदायिक सहभागिता से प्राथमिक विद्यालय कछपुरा सरेंडा को चार पंखों का सेट भेंट किया गया।

स्वतंत्रता दिवस पर सामुदायिक सहभागिता से प्राथमिक विद्यालय कछपुरा सरेंडा को मिला चार पंखों का सेट

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) 

आगरा समाचार

आगरा। स्वतंत्रता दिवस 2025 का अवसर पूरे देशभर में देशभक्ति, उत्साह और सामुदायिक एकता का संदेश लेकर आया। जनपद आगरा के खेरागढ़ ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय कछपुरा सरेंडा ने इस दिन को न केवल धूमधाम से मनाया बल्कि सामुदायिक सहयोग का अद्भुत उदाहरण भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विद्यालय को खैतान कंपनी के चार पंखों का सेट समाजसेवी ठाकुर भानुप्रताप सिंह सिकरवार की ओर से भेंट किया गया, जिसने विद्यालय परिवार और ग्रामीणों के बीच हर्ष और उल्लास का वातावरण बना दिया।

स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन

15 अगस्त 2025 को सुबह विद्यालय परिसर तिरंगे की शान और बच्चों की खिलखिलाहट से गूंज उठा। समारोह का शुभारंभ कार्यक्रम के अध्यक्ष सुरेश सिंह सिकरवार (भूतपूर्व प्रधान, पीपलखेड़ा), मुख्य अतिथि ठाकुर भानुप्रताप सिंह सिकरवार, और विशिष्ट अतिथि डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय (प्रवक्ता, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, आगरा) ने संयुक्त रूप से किया।

सभी अतिथियों ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस क्षण ने उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को देशभक्ति और बलिदान की भावना से ओतप्रोत कर दिया।

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अतिथियों का सम्मान और मंच संचालन

विद्यालय के स्टाफ और ग्रामवासियों ने मंच पर पहुंचे सभी अतिथियों का अंग वस्त्र और माल्यार्पण कर गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे शिक्षक डॉ. सतीश कुमार ने अपनी ओजस्वी वाणी और राष्ट्रप्रेम से भरे शब्दों के जरिए बच्चों, अभिभावकों और ग्रामवासियों को भावविभोर कर दिया।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

विद्यालय के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने स्वतंत्रता दिवस और आज़ादी के महत्व पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति गीत, कविताएं और रंगारंग प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।

  • किसी बच्चे ने महात्मा गांधी का रूप धारण कर स्वतंत्रता संग्राम की झलक दिखाई।

  • तो किसी ने सरदार भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद बनकर शहीदों की यादें ताजा कर दीं।

  • वहीं, छोटी बच्चियों ने राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत नृत्य प्रस्तुत कर सभी दर्शकों को भावुक कर दिया।

ग्रामवासियों और अभिभावकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

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आज़ादी के महत्व पर शिक्षकों का संदेश

विद्यालय के शिक्षक राकेश कुमार और मोहित वर्मा ने अपने संबोधन में बच्चों और अभिभावकों को स्वतंत्रता संग्राम की गाथाओं से अवगत कराया। उन्होंने समझाया कि कैसे शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति देकर भारत को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया।

उन्होंने कहा कि आज़ादी केवल तिरंगा लहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी है कि हम शिक्षा, सामाजिक सहयोग और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाएं।

सामुदायिक सहभागिता का उदाहरण – पंखों का उपहार

इस समारोह का सबसे विशेष क्षण तब आया जब पीपलखेड़ा के कर्मठ और समाजसेवी ठाकुर भानुप्रताप सिंह सिकरवार ने विद्यालय को सामुदायिक सहयोग के अंतर्गत खैतान कंपनी के चार पंखों का सेट भेंट किया।

विद्यालय में पंखों की कमी के कारण गर्मियों में बच्चों को असुविधा होती थी। इस उपहार ने न केवल बच्चों को राहत दी बल्कि सामुदायिक सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित किया।

समाजसेवी भानुप्रताप सिंह ने कहा –
“शिक्षा ही वह शक्ति है जिससे समाज का भविष्य निर्मित होता है। यदि हम बच्चों को बेहतर सुविधा देंगे तो वे कल के सशक्त नागरिक बनेंगे। स्वतंत्रता दिवस का असली अर्थ यही है कि हम समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ सकारात्मक योगदान दें।”

सामूहिक उत्सव का समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामवासियों के बीच मिष्ठान वितरण किया गया। बच्चों ने प्रसन्नता से मिठाई का आनंद लिया और समारोह को यादगार बना दिया।

इस मौके पर विद्यालय स्टाफ के साथ-साथ सुरेश सिंह सिकरवार, ठाकुर भानुप्रताप, करन, भोले, पुष्पेंद्र, रतन सिंह, घूरेलाल, कुमर सिंह, चेतराम और समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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सामुदायिक सहभागिता से शिक्षा में सुधार

स्वतंत्रता दिवस 2025 का यह आयोजन इस बात का उदाहरण बना कि जब समाज और शिक्षा जगत एक साथ आते हैं, तो विद्यालयों की स्थिति बेहतर हो सकती है।

  • एक ओर बच्चों ने देशभक्ति और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया।

  • दूसरी ओर समाजसेवियों ने विद्यालय को उपयोगी संसाधन प्रदान कर उसकी सुविधाओं को बढ़ाया।

इस तरह स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व ही नहीं बल्कि सामुदायिक एकता और सहयोग का भी प्रतीक बन गया।

शिक्षा, समाज और स्वतंत्रता का संगम

आजादी की 79वीं वर्षगांठ पर कछपुरा सरेंडा विद्यालय में हुए इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल राजनीतिक आजादी नहीं है, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक प्रगति भी है।

गांव के लोगों का यह सहयोग आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा कि वे भी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दें और बच्चों को बेहतर वातावरण प्रदान करें।

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