राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने किया जिला अस्पताल आगरा का औचक निरीक्षण, महिला मरीजों की समस्याओं को सुना, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 15 अक्टूबर 2025
आगरा।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बबीता चौहान ने मंगलवार को अचानक जिला अस्पताल, आगरा का औचक निरीक्षण किया। सुबह करीब 11 बजे बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचीं बबीता चौहान ने अस्पताल की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार, अस्पताल मैनेजर मोहित भारती, डॉ. सी.पी. वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इमरजेंसी से लेकर डायलिसिस तक — हर विभाग का लिया जायजा
श्रीमती चौहान ने निरीक्षण की शुरुआत इमरजेंसी विभाग से की, जहाँ उन्होंने मरीजों की भीड़ और डॉक्टरों की उपस्थिति की जांच की। उन्होंने देखा कि कितने डॉक्टर ड्यूटी पर हैं, और कितनी जल्दी मरीजों का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
इसके बाद वे ओपीडी (आउट पेशेंट विभाग), महिला सर्जिकल वार्ड, हड्डी विभाग, बच्चों का वार्ड, और डायलिसिस भवन में पहुंचीं।
उन्होंने प्रत्येक वार्ड में जाकर मरीजों से सीधा संवाद किया, उनकी शिकायतें और सुझाव सुने। कई मरीजों ने बताया कि अस्पताल में दवाएं मिल रही हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती हैं।
दवा और उपचार की उपलब्धता पर सख्ती
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने इस पर गहरी नाराज़गी जताई और कहा —
“जब सरकार मरीजों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने के लिए बजट दे रही है, तो किसी को भी बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने सीएमएस और फार्मेसी प्रभारी को निर्देशित किया कि अस्पताल में सभी आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए।
बबीता चौहान ने मरीजों से यह भी पूछा कि डॉक्टर और नर्स समय पर वार्डों में आते हैं या नहीं, और क्या उन्हें उचित व्यवहार मिल रहा है।
ज्यादातर मरीजों ने बताया कि स्टाफ का रवैया अच्छा है, और डॉक्टर नियमित रूप से राउंड लेते हैं।
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भोजन व्यवस्था और सफाई का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की भोजन व्यवस्था और सफाई व्यवस्था की भी समीक्षा की।
उन्होंने रसोईघर का निरीक्षण किया और भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, और वितरण व्यवस्था देखी। मरीजों ने बताया कि उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन मिलता है, और सफाई व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर है।
अध्यक्ष ने कहा कि अस्पतालों में स्वच्छ वातावरण रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि “साफ-सफाई ही स्वास्थ्य की पहली शर्त है।”
महिला वार्ड पर विशेष फोकस
बबीता चौहान ने विशेष रूप से महिला वार्ड और प्रसूति कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं और प्रसूता माताओं से उनकी सुविधाओं, जांचों और प्रसव देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को प्रसव या इलाज के दौरान असुविधा नहीं होनी चाहिए।
“महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अस्पतालों में हर महिला मरीज को सम्मानपूर्वक और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए।” — श्रीमती बबीता चौहान
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि महिला वार्डों में महिला नर्सों की पर्याप्त उपलब्धता, सेपरेट टॉयलेट, और सुरक्षा कर्मियों की निगरानी सुनिश्चित की जाए।
शिकायत प्रणाली को और पारदर्शी बनाने पर बल
अध्यक्ष ने निरीक्षण के दौरान सीएमएस को आदेश दिए कि प्रत्येक वार्ड में एक “फीडबैक एवं शिकायत रजिस्टर” रखा जाए, ताकि मरीज सीधे अपनी समस्या दर्ज करा सकें।
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन को हर सप्ताह इन शिकायतों की समीक्षा करनी चाहिए और समाधान की रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य विभाग को भेजनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि “महिला हेल्प डेस्क” को और अधिक सक्रिय किया जाए, जहाँ महिला मरीजों को इलाज, कानूनी सहायता या किसी प्रकार की समस्या पर तुरंत सहायता मिले।
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मरीजों की भावनाओं से जुड़ा संवाद
निरीक्षण के दौरान कई महिला मरीजों ने अध्यक्ष को बताया कि अस्पताल की सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं।
एक मरीज ने कहा,
“पहले दवाएं और डॉक्टरों की उपलब्धता में परेशानी होती थी, लेकिन अब स्थिति सुधरी है। डॉक्टर ध्यान से सुनते हैं और इलाज भी ठीक देते हैं।”
बबीता चौहान ने मुस्कुराते हुए कहा —
“आपकी संतुष्टि ही हमारी सबसे बड़ी सफलता है। अस्पताल जनता की सेवा का केंद्र है, और इसका हर कर्मचारी मरीजों की मुस्कान का ज़रिया बनना चाहिए।”
अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश
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अस्पताल में सभी आवश्यक दवाएं और उपकरण हमेशा उपलब्ध रहें।
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मरीजों को किसी भी स्थिति में बाहर से दवा न खरीदनी पड़े।
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महिला वार्डों में स्वच्छता और गोपनीयता की पूरी व्यवस्था रहे।
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मरीजों के लिए पेयजल, टॉयलेट और बैठने की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
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फीडबैक प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।
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निरीक्षण का सार
निरीक्षण के अंत में अध्यक्ष ने कहा कि जिला अस्पताल, आगरा प्रदेश के सबसे व्यस्त अस्पतालों में से एक है।
यहाँ की व्यवस्था जितनी पारदर्शी और संवेदनशील होगी, उतनी ही जनता का भरोसा मजबूत होगा। उन्होंने सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे “मरीजों के साथ सेवा नहीं, बल्कि संवेदना का रिश्ता” बनाएं।
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